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Friday, 25 September 2020

कैथल में नहीं दिखा भारत बंद का ज्यादा असर, छोटू राम चौक पर 20 मिनट जाम और आधा घंटा प्रदर्शन कर घर चले गए किसान

कृषि अध्यादेशों के विरोध में भारत बंद का कैथल शहर में आंशिक असर दिखा। दोपहर करीब 12 बजकर 15 मिनट पर छोटू राम चौक पर किसानों ने पुतला फूंकने के बाद करीब 20 मिनट तक जाम लगाया और करीब आधा घंटा प्रदर्शन किया। उसके बाद धीरे-धीरे किसान अपने घरों की ओर चले गए। इससे पूर्व भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष होशियार गिल की अध्यक्षता में किसान जिला सचिवालय से प्रदर्शन करते हुए छोटू राम चौक पर पहुंचे।

गिल ने कहा कि केंद्र सरकार जब तक काले कानूनों को खत्म नहीं कर देती, ये आंदोलन जारी रहेगा। कानून वापस नहीं हो तो कम से कम किसान समर्थन मूल्य और मंडियों में खरीद की गारंटी से कम तो बिल्कुल नहीं मानेगा। प्रदेश सरकार भी इन कानूनों के विरोध में किसानों व व्यापारियों का साथ दें और पंजाब की तरह इन्हें खारिज करे।

वहीं सबुह करीब 10:30 बजे कैथल-पटियाला रोड चीका बाइपास पर भी किसान जुटे और जाम लगाया। इसके अलावा चीका के गांव पीडल में किसानों ने चीका-पटियाला रोड पर पेड़ काटकर डाल दिया और एक घंटे से ज्यादा समय तक यातायात बाधित रखा। गांव सीवन, सौंगरी गुलियाणा, पाई, कसान मोड़ जाखौली व गांव शिमला में किसानों ने नेशनल हाईवे पर कुछ देर के लिए यातायात रोक दिया।

भीड़ नहीं जुटने से मायूस दिखे पदाधिकारी
भारत बंद के दौरान कैथल में जाम और प्रदर्शन के दौरान किसानों की भीड़ नहीं जुटने से किसान संगठनों के पदाधिकारी मायूस दिखे। एक किसान नेता ने तो यहां तक कहा कि इससे ज्यादा भीड़ तो पीटीआई के धरने पर भी है। इतनी भीड़ के साथ किसान विरोधी अध्यादेशों को वापस लेने के लिए मजबूर करना मुश्किल होगा। भीड़ न जुटने के असर जाम के दौरान भी दिखा और युवा किसान एक तरफ से रोड जाम करते तो दूसरी तरफ से वाहन चालक वाहनों को निकाल कर ले जाते और दूसरी तरफ जाम लगाते तो वाहन चालक दूसरी तरफ से निकल जाते। बस स्टैंड की तरफ से आ रहे ट्रक को जाम लगाने के लिए किसानों ने रोक लिया, वहीं एक गाड़ी के आगे युवक बैठ गया। हालांकि अंदर बैठ यात्री ने हाथ जोड़कर रास्ते की अपील की तो किसानों ने वाहन को जाने दिया।

मंडियों में नहीं हुई धान की खरीद, नई ढेरी भी नहीं पहुंची
मंडियों में 1509 किस्म धान की आवक तेज हो चुकी है लेकिन शुक्रवार को भारत बंद के कारण पूरे जिले में मंडियां बंद रहीं। नई और पुरानी अनाज मंडी में व्यापारियों ने किसानों का साथ दिया और धान नहीं खरीदा। मंडी में एकाध को छोड़कर को नई ढेरी भी धान की नहीं पहुंची।

सरकारी बसें नहीं चली, यात्री भी नहीं दिखे
भारत बंद के दौरान कैथल डिपो से रोडवेज बसें नहीं चलाई गई। यात्री कम होने के कारण बसें बंद होने का कुछ खास असर नहीं दिखा। हालांकि ट्रांसपोर्ट मैनेजर कमल चहल का कहना था कि बसें बंद नहीं की गई थी लेकिन यात्री न होने की वजह से बसें नहीं चल सकी। वहीं दूसरी तरफ लोकल रूटों पर प्राइवेट बसें दौड़ती रही।

भारी संख्या में पुलिस बल रहा तैनात
आंदोलन की चेतावनी के बाद किसानों के प्रदर्शन के दौरान जिला सचिवालय और छोटू राम चौक पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। एसडीएम संजय कुमार भी छोटू राम बाईपास पर मौजूद रहे। हालांकि ज्यादा हंगामा न होने के कारण वे दूर खड़े प्रदर्शन को देखते रहे।



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India did not show much effect in Kaithal, farmers went home after performing 20 minutes jam and half an hour at Chhotu Ram Chowk


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