जिले के विभिन्न स्कूलों में शुक्रवार को नई शिक्षा पर विस्तार से जानकारी देने के लिए अभिभावकों की कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अभिभावकों को शिक्षकों ने नई शिक्षा नीति की खूबियां बताते हुए इसके संबंध में उनसे भी सुझाव लिए। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लूखी में स्कूल प्रबंधन समिति, ग्राम पंचायत सहित प्रबुद्ध लोगों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य कंवरसिंह यादव ने की एवं संचालन अंग्रेजी प्रवक्ता श्रीभगवान बव्वा ने किया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के संदर्भ में विस्तार से चर्चा की गई। कला अध्यापक मुकेश कोहारड़ ने नई शिक्षा नीति के बारे में अपना सुझाव देते हुए कहा कि खंड स्तर पर एक ऐसे विद्यालय की स्थापना की जाए जिसमें हॉस्टल आदि की व्यवस्था हो और गरीब परिवारों के बच्चे वहां पर पढ़ सके। प्राचार्य कंवर सिंह यादव ने सुझाव की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसे शिक्षा नीति आयोग तक पहुंचाया जाएगा ।
सरपंच चंद्रहास यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति में रोजगार परक प्रावधान अत्यंत प्रशंसनीय। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रताप सिंह ने अपने सुझाव प्रस्तुत करते हुए कहां की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति देश के हजारों युवाओं को उज्जवल भविष्य की ओर ले जाएगी। इस अवसर पर एबीआरसी अंशु यादव, मुख्य शिक्षक मनोज नठेड़ा, कन्या प्राथमिक विद्यालय की मुख्य शिक्षक सरिता यादव, अंजू बाला, कैलाश चंद्र, सरोज यादव, अंजू शर्मा, कविता यादव, संजय शर्मा मौजूद रहे।
नंगली गोधा : नीति के उद्देश्य पर डाला प्रकाश
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नंगली गोधा में भी शुक्रवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विषय पर चर्चा के लिए स्कूल प्रबंधन समिति की मीटिंग आयोजित की गई। अध्यक्षता करते हुए प्रभारी प्राचार्य विजय सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य आत्मविश्वास विकास व रोजगारपरक शिक्षा के द्वारा देश को आत्मनिर्भर बनाने का है। मीटिंग में संस्कृत प्रवक्ता महेश शास्त्री और अर्थशास्त्र प्रवक्ता अनिल कुमार ने सभी को शिक्षा नीति से अवगत करवाया। कार्यक्रम में एसएमसी प्रधान ऊषा देवी, रण सिंह, दीपक पंच, सरिता पंच, तेजपाल पंच, वेदप्रकाश मौजूद रहे।
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