भारतीय अनुसंधान संस्थान पूसा के वैज्ञानिकों ने पराली के निस्तारण को लेकर बायो डी-कंपोजर तकनीक के संबंध में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सामने बुधवार को प्रजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री ने संस्थान के निदेशक डॉ. एके सिंह और मौजूद अन्य वरिष्ठ वैज्ञानिकों से तकनीक के काम करने के बारे में जानकारी ली। केजरीवाल ने संस्थान के वैज्ञानिकों की नई तकनीक की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली में ठंड के मौसम में प्रदूषण का प्रमुख स्त्रोत धान की पराली और फसल के अन्य अवशेष है।
उन्होंने कहा कि मैं आईएआई के वैज्ञानिकों को फसल के अवशेष जलाने की समस्या से निपटने के लिए कम लागत वाली प्रभावी तकनीक विकसित करने के लिए बधाई देता हूं। सरकारों को फसल के अवशेष को जलाने की समस्या का समाधान करने के लिए वैज्ञानिकों के साथ मिल कर काम करने की जरूरत है।
केजरीवाल गुरुवार को तकनीक के लाइव डेमोस्ट्रेशन के लिए भारतीय अनुसंधान संस्थान पूसा का दौरा करेंगे। बता दें इससे पहले विकास मंत्री गोपाल राय ने भी डी कंपोजर तकनीक का डेमोस्ट्रेशन संस्थान जा कर देखा था।
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