डीसी ने जांच बिठाई तो गबन के 16 लाख में से 4 लाख 80 हजार कराए जमा - OTA BREAKING NEWS

Breaking

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Saturday, 17 October 2020

डीसी ने जांच बिठाई तो गबन के 16 लाख में से 4 लाख 80 हजार कराए जमा

पीले-गुलाबी व हरे राशनकार्ड बनाने के नाम पर वसूली गई लाखों रुपये की राशि डकारने के मामले में डीसी की ओर से जांच बिठाने के बाद खुद को पाक साफ करने के लिए अधिकारियों ने 16 लाख में से महज 4 लाख 80 हजार 500 रुपये जमा करवाकर बचने का तरीका ढूंढा है। इधर, डीएफएससी की ओर से अभी भी कोई सख्त एक्शन गबन करने वालों पर नहीं लिया गया है।

केवल नोटिस निकालकर औपचारिकता निभाई जा रही है। जिन लोगों ने सरकारी धन का गबन किया, उनके खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाने की बजाए उन्हें गबन की राशि जमा करवाने का नोटिस दिया गया। नोटिस के बावजूद राशि जमा नहीं हुई। ऐसे में फिर से नया नोटिस जारी कर दिया गया। अंतिम नोटिस की अवधि भी 5 अक्टूबर को बीत चुकी है।

शुक्रवार को विभाग की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि सिरसा केंद्र के अधिकारी द्वारा हरे कार्ड बनाने की फीस के रूप में चार लाख जमा करवा दिए गए हैं। ऐलनाबाद केंद्र के इंचार्ज द्वारा पहले ही 80,500 रुपये की राशि जमा करवा दी गई थी, जिसकी रसीद उन्होंने परिमंडल कार्यालय में जमा करवा दी है। यानि 16 लाख में से महज 4 लाख 80 हजार 500 रुपये की राशि ही जमा हुई है। शेष राशि की वसूली आज भी बाकी है। मगर, विभागीय अधिकारियों द्वारा गबन करने वालों के खिलाफ कोई कदम उठाने की बजाए उन्हें बचाने की अधिक कोशिश की जा रही है।

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से शुक्रवार को जो बयान जारी किया गया, उसके अनुसार 3 लाख 40 हजार रुपये तो डूबाने की खुद ही तैयारी की गई है। विभाग की ओर से बताया गया कि 13 हजार पीले, 4700 गुलाबी और 12700 हरे राशनकार्ड विभाग से गलत प्रिंट होकर आए थे, जोकि वितरित ही नहीं किए गए। इन कार्डों की राशि तीन लाख 40 हजार रुपये बनती है। ऐसे में 3.40 लाख रुपये का गबन नहीं हुआ।

विभाग के दावे को सच माना जाए तो विभागीय अधिकारी यह बताए कि 30 हजार 400 उपभोक्ता पिछले तीन सालों से किस आधार पर डिपूओं से राशन प्राप्त कर रहे है? जबकि उनके राशनकार्ड गलत प्रिंट होने के कारण स्टोर में पड़े है। हकीकत यह है कि इन 30 हजार 400 उपभोक्ताओं को पीले, गुलाबी व हरे राशनकार्ड की एवज में प्रिंट दिया जा चुका है, जिसके आधार पर ही उन्हें राशन प्राप्त हो रहा है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/37idO3m

ADD











Pages