नगर निगम शहर में एक लाख लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स के नोटिस भेजे जाएंगे। इनमें 490 ऐसे प्रॉपर्टी मालिक है, जिनपर एक लाख रुपए से अधिक बकाया है। बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद टैक्स जमा नहीं करा रहे हैं। निगम की ओर से 31 अक्टूबर तक का समय दिया जाएगा। इसमें जिन लाेगाें टैक्स जमा नहीं कराया ताे उन पर प्रॉपर्टी सील करने की कार्रवाई होगी। टैक्स रिकवरी कम होने से विकास योजनाओं पर भी असर पड़ रहा है।
प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली को लेकर निगम इसी साल की शुरुआत में बड़ी कार्रवाई पहले भी कर चुका है, जब पूर्व विधायक के होटल से लेकर एटलस फैक्ट्री सहित कई प्रभावशाली की प्रॉपर्टी को सील कर दिया था। एक बार फिर निगम अधिकारी ऐसी ही बड़ी कार्रवाई कर डिफाल्टरों को सबक सिखाने के मूड में हैं। इस संदर्भ में संयुक्त आयुक्त ने संबंधित ब्रांच अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए नोटिस भेजे जाने से लेकर इस व्यवस्था के लिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।
56 करोड़ शहर में बकाया, आए साढ़े 6 करोड़
नगर निगम क्षेत्र में करीब एक लाख 46 हजार प्रॉपर्टी हैं। इसमें करीब 46 हजार लोगों ने टैक्स जमा करवाया है। इन लोगों ने करीब छह करोड़ 66 लाख रुपए टैक्स जमा किया है। इसमें कैश से कहीं ज्यादा ऑनलाइन जमा हुआ है। जिसमें कैश जहां एक करोड़ 60 लाख रुपए जमा हुआ है तो वहीं ऑनलाइन दो करोड़ 26 लाख, पेटीएम के द्वारा 96 लाख तथा डीडी के माध्यम से भी करीब 25 लाख लोगों ने टैक्स जमा किया है। चालू वित्त वर्ष में नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का लक्ष्य 15 करोड़ रुपए का रखा है। नगर निगम का ओवरआल करीब 56 करोड़ रुपए बकाया है।
पूरा टैक्स मिले तो शहर के विकास को मिले गति
संयुक्त आयुक्त ने बताया कि यदि निगम को पूरा टैक्स मिलता है तो उससे आमजन को ही लाभ होगा। शहरवासियों के लिए बेहतर सड़क, पार्क, स्ट्रीट लाइट से लेकर अन्य सामुदायिक भवन सहित अन्य सुविधाओं को उस राशि को खर्च किया जाएगा।
करीब एक लाख लोगाें को प्रॉपर्टी टैक्स के बिल भेजे जाएंगे। अक्टूबर के बाद यदि टैक्स का भुगतान नहीं किया गया तो उनकी प्रॉपर्टी को जब्त किया जाएगा। नोटिस भेजे जाने को लेकर सभी संबंधित को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सुभाष चन्द्र, संयुक्त आयुक्त नगर निगम, सोनीपत।
बिजली बिल पर लगेगा अब एक प्रतिशत एमसी टैक्स
प्रदेश सरकार नगर निगम क्षेत्र में बिजली बिलों पर एक प्रतिशत एमसी टैक्स बढ़ाने जा रही है। नगर निगम क्षेत्र में करीब 1.20 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। जिसके तहत सभी उपभोक्ताओं पर करीब 1.2 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ एक प्रतिशत एमसी टैक्स बढ़ने से पड़ेगा। फिलहाल निगम द्वारा शहरी उपभोक्ताओं से दो प्रतिशत एमसी टैक्स वसूला जा रहा है। बिजली निगम के सिटी डिवीजन द्वारा शहरी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की जा रही है। नगर निगम का क्षेत्र करीब 15 किमी के दायरे में फैला है। जिसमें घरेलू, व्यवसायिक और इंडस्ट्रीज के कनेक्शन हैं, सभी पर यह नया टैक्स लागू होगा। उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा शहरी उपभोक्ताओं को 22 से 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। हालांकि ओवरलोडिंग निगम के लिए एक बड़ी समस्या बनी है।
औसत 1 हजार बिल पर करीब 10 रुपए का भार पड़ेगा
बिजली निगम द्वारा की जा रहा बिलिंग से घरेलू उपभोक्ता पर कम से कम 10 रु. का अतिरिक्त भार पड़ेगा। उपभोक्ताओं का औसतन बिल एक हजार रुपए आता है, जिससे एक प्रतिशत के हिसाब से 10 रुपए का भार पड़ेगा। एक लाख 20 हजार उपभोक्ताओं पर यह कुल करीब 1.20 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा।
यह है जिले की बिजली आपूर्ति की व्यवस्था
सोनीपत सर्कल साढ़े तीन लाख कनेक्शन धारक हैं। साढ़े चार सौ 440, 220 और 132 केवीए सहित 33 केवीए और 11 केवीए के फीडरों ेप्रतिदिन औसतन करीब 90 लाख यूनिट बिजली की आपूर्ति की जाती है। हर महीने करीब 110 करोड़ रुपए की बिलिंग की जाती है।
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