हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन की रंगशाला में गुरुवार को मानवाधिकार और पुलिस की ड्यूटी विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें प्रशिक्षणार्थियों और अकादमी स्टाफ ने हिस्सा लिया। अकादमी के डीआईजी डाॅ. अरुण सिंह, डीएसपी हरिंद्र कुमार व डीडीए अनिता मान ने निर्णायक मंडल में शामिल होकर प्रतिभागियों को परखा।
निर्णायक मंडल अध्यक्ष डाॅ. अरुण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मानवाधिकारों का संरक्षण करना पुलिस का संवैधानिक और नैतिक कर्तव्य है। एक आम व्यक्ति भी मानवाधिकारों के संरक्षण में अपने व्यवहार से अहम योगदान दे सकता है। किसी व्यक्ति को अन्य से उसी प्रकार का व्यवहार करना चाहिए जैसे व्यवहार की वह अपने लिए अपेक्षा करता है।
ऐसा करने से मानवाधिकार अपने आप प्राप्त हो जाएंगे। व्यक्ति किसी भी मंच पर हो या किसी भी ओहदे पर हो उसे मानव बने रहना चाहिए। मानव बनने की शुरूआत अपने आप से ही करनी सार्थक होगी। प्रतियोगिता में अकादमी की मुख्य सिपाही रितु ने प्रथम, रिक्रूट सिपाही पूजा ने द्वितीय तथा महिला सिपाही ऊषा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार महिला सिपाही डिंपी व रिक्रूट सिपाही शिल्पी को गया। इस अवसर पर अकादमी की डीएसपी लक्ष्मी देवी ने कार्यक्रम का संयोजन किया।
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