ब्लाॅक समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने हरियाणा सरकार के आला अधिकारियों को एक पत्र लिखकर बीडीपीओ पर करोड़ाें रुपए की हेराफेरी करने का आरोप लगाया है। बीडीपीओ को निलंबित करने की भी मांग की है।
ब्लाॅक समिति के अध्यक्ष हुकम सिंह राणा और उपाध्यक्ष गौरव ने विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव को भेजी शिकायत में आरोप लगाया कि कोरोना काल में पंचायत भूमि की नीलामी के दौरान बीडीपीओ ने सांठगांठ करके लाख रुपए प्रति पंचायत वसूल किए हैं।
कुल अनुमानित राशि 20 से 25 लाख रुपए बनती है। कोविड काल में सरकार ने लाखों रुपए के सेनिटाइजर पंचायतों में वितरण करने के लिए भेजे थे। सेनिटाइजर का गांवों में वितरण करने के स्थान पर उन्हें बाजार में बेच दिया गया । 17 नवंबर 2017 को थाना निगदू में इस अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक इस अधिकारी के खिलाफ 35 लाख की रिकवरी बनती है। सरकार ने अधिकारी को चार्जशीट किया हुआ है। इसी तरह 25 जनवरी 2018 को थाना असंध में इनके खिलाफ भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस केस में 8 लाख 26 हजार 974 रुपए की रिकवरी बनती है, जोकि आज तक जमा नहीं करवाई गई है।
मुझ पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं : बीडीपीओ
मुझ पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं, यह आराेप झूठे हैं। 22 मार्च 2018 को पंचायत समिति की करीब एक करोड़ की ग्रांट का वितरण बिना कोरम के कर दिया गया। इसकी जांच चल रही है। -जगबीर सिंह दलाल, बीडीपीओ, नीलोखेड़ी।
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