जमीन किसी किसान की और ऑनलाइन करके बाजरा कोई और किसान बेच गया। जब जमीन के मालिक किसान को इसका पता चला तो उसने पुलिस में शिकायत दे दी। इस पर पुलिस मार्केट कमेटी और राजस्व विभाग से रिकॉर्ड निकलवा कर जांच कर रही है। पुलिस अधिकारी के अनुसार जांच प्रक्रिया जारी है। फ्रॉड करने वाले के खिलाफ जो कार्रवाई बनती है वह की जाएगी।
मामला चैहड़ कलां के किसानों का है। जिनकी जमीन पर चैहड़ और अन्य गावों के किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर ऑनलाइन करवाते समय अपना नाम फर्जी तरीके से दर्ज करवा लिया और मार्केट कमेटी ने ऑनलाइन करवाए गए नाम के हिसाब से गेटपास जारी कर दिया। अब जमीन मालिक मूल किसान अपनी फसल बेचने के लिए गेटपास का इंतजार कर रहा है। पुलिस को दी शिकायत में 12 नवम्बर को फ्रॉड करने वाले किसानों के नाम भी दिए हैं जिसमें आनन्द, चंदूलाल, अरविंद, प्रीती, कमलेश, शांति, सुमन, सुनील शामिल हैं।
चैहड़ कलां चौकी प्रभारी एएसआई यशवंत सिंह ने बताया कि उनको शिकायत मिली है और उन्होंने मार्केट कमेटी और राजस्व विभाग से इसका रिकॉर्ड निकलवा लिया है। इसकी जांच की जा रही है। वहीं मार्केट कमेटी के सचिव अनिल कुमार ने बताया कि पोर्टल पर जिस किसान का ब्यौरा दर्ज है उसके अनुसार ही पोर्टल पर नम्बर आता है।
किसानों ने आरोप लगाया कि जिनके नाम एक मरला जमीन नहीं है वे तो कई क्विंटल बाजरा मंडी में बेच चुके हैं और जिन किसानों के नाम जमीन है उनको अपनी फसल बेचने की बाट जोह रहे हैं। किसानों ने बताया कि कुछ मंडी व्यापारियों ने मिलीभगत करके अपने चहेते किसानों के नाम से फसल की डिटेल फर्जी तरीके से ऑनलाइन कर ली है। हालांकि पिछली सरसों व गेहूं की खरीद में हुए घपले की जांच की बात कही गई थी लेकिन आज तक जांच के नाम पर कुछ नहीं हुआ।
कुछ किसान अपनी फसल बेचने के लिए केन्द्र सरकार के नए कानून का सहारा लेकर भी अपनी फसल बेच चुके हैं। कुछ किसानों ने बहल में अपनी फसल बेच दी और बाकी बची फसल को मंढोली कलां की मंडी में बेच दिया। इससे यह समझ में नहीं आ रहा है कि ऑनलाइन करने के पोर्टल में फ्रॉड है या किसानों ने कानून का तोड़ निकाल लिया है।
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