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Wednesday, 18 November 2020

जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए बच्चों की सेहत का रखें ध्यान

जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए बच्चों की सेहत की पूरी देखभाल की जानी चाहिए। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग मिलकर कुपोषित बच्चों को सही उपचार, पोषाहार व आवश्यक विटामिन आदि मुहैया करवाए। एक स्वस्थ बच्चा ही भविष्य में हृष्ट-पुष्ट व मजबूत नागरिक बन सकता है। अपने कैंप कार्यालय में पोषाहार संबंधी बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त राजेश जोगपाल ने ये निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि जिले में 43 बच्चों की पहचान कुपोषित बच्चों के तौर पर की गई थी। इनकी स्वास्थ्य जांच करवाए जाने के महिला एवं बाल विकास विभाग को पिछले दिनों निर्देश दिए गए थे। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के चिकित्सकों ने इन बच्चों की जांच की। जिसमें 8 बच्चों में सेहत खराब रहने के चिकित्सिकीय लक्षण पाए गए हैं। इन बच्चों का उपचार किए जाने के निर्देश दे दिए गए हैं। उपायुक्त ने डाॅ. सुनैना को निर्देश दिए कि बच्चों के ईलाज के लिए रोहतक पीजीआई जाने की आवश्यकता हो तो वहां भी इन बच्चों को लेकर जाएं और इनका सही ढंग से पूरा ईलाज करवाया जाए।

उन्होंने कहा कि शेष 35 बच्चों पर भी आंगनबाड़ी वर्कर और एएनएम पूरी निगरानी रखेंगी। इसके अलावा उपायुक्त ने दादरी जिला के कुपोषण की संभावना के दायरे में आए 1215 बच्चों को भी सही समय पर पौष्टिक आहार देना और उनका ध्यान रखने को कहा है। गांवों में आंगनबाड़ी वर्कर एवं आशा वर्कर इन बच्चों की सेहत पर निगाह रखेंगी। उपायुक्त ने महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी परिणीता गोस्वामी को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हर गांव में पोषाहार के प्रति महिलाओं को सजग करें।

घरों में माताएं दाल, दही, खिचड़ी, दूध, हरी पत्तेदार सबि्जयं, चना, बाजरा, गेहूं का आटा, फल आदि पौष्टिक आहार लें और अपने बच्चों को सेहतमंद बनाने के लिए अच्छी डाइट दें। राजेश जोगपाल ने कहा कि बाल विकास विभाग अपने स्तर पर ब्लाक लेवल पर पौष्टिक आहार बनाने की प्रतियोगिताएं आयोजित करें। जिससे महिलाओं को इस प्रकार का भोजन बनाने की प्रेरणा मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक और महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकारी आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर जांच करें कि बच्चों का किस कदर ख्याल रखा जा रहा है।

इसके अलावा गांवों में प्रचार-प्रसार कर महिलाओं को कुपोषण से बच्चों को बचाकर रखने के उपाय बताए जाएं। कार्यक्रम अधिकारी परिणीता गोस्वामी ने बताया कि दादरी में पोषण अभियान सफलतापूर्वक चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं व कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि उपायुक्त के निर्देशानुसार आगे भी जागरूकता अभियान जारी रहेगा। यहां सुशासन सहयोगी रूप कुमार, पायल सोनी, नीलम, सोनू व स्वास्थ्य विभाग के डाॅ. प्रशांत गुलिया उपस्थित रहीं।



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