तीन अध्यादेशों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन व किसान संगठन गुरुवार को तितरम मोड़ पर नेशनल हाईवे जाम करेंगे। किसानों ने दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक हाईवे जाम करने की चेतावनी दी है। प्रशासन ने भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी कर ली है। इस मामले में बुधवार को भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता विक्रम कसाना की अध्यक्षता में बैठक हुई।
जिसमें सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ किसानों ने नारेबाजी कर रोष जताया। बैठक को संबोधित करते हुए कसाना ने कहा कि 5 नवंबर को पूरे देश के किसान सरकार के तीन कृषि काले कानूनों के विरोध में चक्का जाम करेंगे और किसानों द्वारा सभी राष्ट्रीय राजमार्ग व राज्य स्तरीय मार्गों को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा जिसके तहत कैथल तितरम मोड़ पर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार यह काले कानून वापस नहीं लेती तब तक किसान संगठनों का आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।
आगे आने वाले समय में आंदोलन को और भी तेज करने का काम किसान करेंगे। कसाना ने कहा कि नारायणगढ़ में जिस किसान की मौत हुई है, उस किसान को किसी ने छुआ भी नहीं, लेकिन सरकार के नुमाइंदे आंदोलन को दबाने के लिए किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज करवा कर अगर यह सोचते हैं कि किसान डर जाएंगे तो किसी गलतफहमी में न रहें। 26-27 नवंबर को किसान दिल्ली कूच करेंगे।
भाकियू द्वारा जाम लगाने की चेतावनी के मद्देनजर पुलिस प्रशासन अलर्ट है। कोई अप्रिय घटना न हो इसलिए तितरम मोड़ पर पुलिस बल तैनात किया जाएगा। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, क्रेन आदि भी मौजूद रहेंगी, पूरे घटनाक्रम पर ड्रोन से नजर रखी जाएगी। किसानों से अपील की जाती है कि शांति बरतें और कानून न तोड़ें। -शशांक कुमार सावन, एसपी
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