ईश्वर स्मरण मात्र से ही जीव का कल्याण हो जाता है : हरि प्रसाद - OTA BREAKING NEWS

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Wednesday, 18 November 2020

ईश्वर स्मरण मात्र से ही जीव का कल्याण हो जाता है : हरि प्रसाद

छठ पर्व सेवा समिति मंडल की ओर से महाछठ पर्व के उपलक्ष्य में सूर्य मंदिर में श्री राम कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा आयोजन के दूसरे दिन स्वामी हरि प्रसाद महाराज ने कहा कि श्रीराम कथा सुनने से जीवन में व्यापक परिवर्तन आता है। ईश्वर स्मरण मात्र से ही जीव का कल्याण हो जाता है। उन्होंने कहा कि श्रीराम चरितमानस जीवन को संवारने वाला सबसे पवित्र ग्रंथ है।

उन्होंने परहित व कल्याण की भावना को जगाने वाले श्री रामचरित मानस का अध्ययन प्रत्येक व्यक्ति को करने का आह्वान किया। श्रीराम कथा के श्रवण मात्र से ही जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने लगता है। इस मौके पर मंडल के प्रधान सुरेश कुमार यादव ने 21 नवंबर तक आयोजित किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर शत्रुघ्न राय, अर्जुन पंडित, उमेश चौहान, रामविलास, राम बहादुर, अशोक, राम कुमार, सुधीर यादव, अरविंद यादव, सिकंदर व राम सकल मौजूद रहे।

संतोष से ही मिलती है शांति : मुनि पीयूष

उपप्रवर्तक पीयूष मुनि महाराज ने श्री आत्म मनोहर जैन आराधना मंदिर में कहा कि धर्म का महत्वपूर्ण लक्षण संतोष है। संतोष वहीं रहता है, जहां लोभ नहीं होता। लोभ के दुष्परिणामों पर विचार करने से संतोष आ सकता है। कामनाओं को बढ़ाने से सुख कम और दुख अधिक होता है। कामनाएं कालिया नाग के फन की तरह बढ़ती ही जाती है। इनका दमन करना कठिन हो जाता है।

संतोष रूपी अमृत से तृप्त हुए लोगों को जो सुख है, वह धन के लोभ में इधर-उधर भागते हुए लोगों को नहीं होता। संतोष से बड़ा सुख अन्यत्र कहीं नहीं है। अन्य सभी धनों के आने पर यदि संतोष रूपी धन जीवन में नहीं आता तो सभी धन धूल के समान है। संतोष न्याय-नीति एवं धर्मपूर्वक विकास में बाधक नहीं है। व्यक्ति की कामना तो दुनिया के सभी सुख-साधन प्राप्त करने पर भी शांत नहीं होती।



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Only the remembrance of God gets the welfare of the living: Hari Prasad


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