महेंद्रगढ़ में अभी बर्ड फ्लू का वायरस नहीं आया है, किंतु पड़ोसी राज्य राजस्थान में इस वायरस की पुष्टि होने के बाद से ही जिले का पशुपालन व स्वास्थ्य विभाग चौकस हो गया है। इसके लिए सभी पोल्ट्री फार्म संचालकों को अपने यहां मुर्गी व चूजों की वैक्सीनेशन करते रहने तथा उनके स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखने की हिदायत दी गई है।
दूसरी ओर बर्ड फ्लू के आने की आशंका को देखते हुए ग्राहकों में भी भय का माहौल बनने लगा है। उन्होंने चिकन का परहेज करना शुरू कर दिया है। वह बात अलग हं कि चिकन का व्यापार करने वाले दुकानदारों में इस बीमारी का कोई खौफ नहीं दिखता। वे देर रात तक दुकानें खोलकर बिक्री का इंतजार करते हैं।
जानकारी के अनुसार बीते दिनों राजस्थान में मृत कौवे मिलने पर विभाग में हड़कंप मच गया। पशु चिकित्सकों की जांच प्रक्रिया में संदिग्ध रिपोर्ट मिलने पर सरकार ने हाईअलर्ट घोषित कर दिया। हरियाणा के लोग भी राजस्थान से ही पशुओं की खरीद-फरोख्त करते हैं।
जिस कारण वायरस की चपेट में आने की आशंका प्रबल हो गई। इसलिए लोगों ने चिकन व अंडों का परहेज करना आरंभ कर दिया। शहर में अंडे बिक्री करने वाली रेहडिय़ों पर अंकुश लगा है, किंतु मांस की बिक्री करने वाले दुकानदारों को बीमारी का खौफ नहीं है।
दूसरी ओर बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए सजग पशुपालन विभाग ने अभी से इस संबंध में तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए पोल्ट्री फार्मों की सूची कलेक्ट की गई है। रिपोर्ट के अनुसार नारनौल क्षेत्र में 4 पोल्ट्री फार्म चल रहे है। नांगल चौधरी ब्लॉक में एक भी पोल्ट्री फार्म नहीं है। इसके बावजूद चिकन पैलेस के संचालकों को सतर्कता व स्वच्छता के दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए है।
प्रवासी पक्षियों को पोल्ट्री फार्मों के पास नहीं आने दें
सीनियर पशु चिकित्सक मोहनसिंह नेहरा ने बताया कि बर्ड फ्लू संक्रमित वायरस है, जो हवा की रफ्तार तथा संक्रमित पशु का मांस खाने या आपसी संपर्क से फैलता है। जिले में अभी तक एक भी पीड़ित केस नहीं, फिर भी पशुपालन विभाग पूरी तरह चौकन्ना है। उन्होंने बताया कि नांगल चौधरी में एक भी पोल्ट्री फार्म नहीं। लोगों को चिकन व अंडों का सेवन करने में सावधानी बरतने की हिदायत दी है।
अभी कोई केस नहीं, विभाग अलर्ट
सीएचसी के इंचार्ज डॉ. अशोक यादव ने बताया कि कुछ राज्यों में बर्ड फ्लू वायरस से पीड़ित मरीज मिले हैं, लेकिन यहां वायरस से संक्रमित एक भी केस नहीं। स्वास्थ्य कर्मचारियों को गांव लेवल पर निगरानी तथा बचाव जानकारी देने के निर्देश जारी कर दिए। उन्होंने बताया कि मृत पशु व पक्षियों जमीन में दबाना जरूरी है। साथ ही चिकन व अंडों का सेवन अच्छी तरह पकाकर व स्वच्छतापूर्वक करना चाहिए।
एवियन इंफ्लूएंजा के लक्षण
चिकित्सकों के मुताबिक बर्ड फ्लू संक्रमित को फीवर के साथ खांसी व कफ आने लगेगा। शरीर में दर्द व अकड़न हो जाएगी। पीड़ित को सांस लेने में तकलीफ रहेगी, जिससे जानलेवा खतरा संभव है। संबंधित लक्षणों की पुष्टि होने पर नजदीकी अस्पताल में तत्परतापूर्वक पहुंचना चाहिए।
लक्षण पाए जाने पर तत्काल सूचित करने के निर्देश
निजामपुर. नलवाटी क्षेत्र में अभी 3 मुर्गी फार्म चल रहे हैं। इनमें मुर्गी पालन का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। यहां देसी मुर्गी अंडे की बजाए छोटे बच्चे लाकर उन्हें पालकर दिल्ली मंडी में बेचा जाता है। इनमें एक दनचोली व दो फार्म बसीरपुर में चल रहे है। बताया जाता है कि यहां प्रतिदिन पहले करीब 180 अंडा की ट्रे बिक्री होती थी।
अब बर्ड फ्लू बीमारी के कई राज्यों में आ जाने से भयभीत लोगों ने अंडा व चिकन खाना कम कर दिया है। इससे बिक्री घटकर करीब 100 ट्रे के करीब रह गई है। वेटरनरी सर्जन डॉ एनआर मेहरा ने बताया कि टीम नियमित रूप से इन मुर्गी फार्म में जाकर जांच कर रही है।
इनके अलावा किसी दूसरे पक्षी में भी इस तरह का किसी प्रकार का लक्षण नहीं मिल रहा है। अगर किसी ने प्रकार का लक्षण किसी पक्षी में भी पाए गए तो इन पोल्ट्री फार्मों को तुरंत बंद करवा दिए जाएंगे। मुर्गी फार्म संचालकों को चूजों को समय-समय पर वैक्सीन देते रहने और किसी भी प्रकार के लक्षण पाए जाने पर तत्काल सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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