आईटीआई मैदान में 20 दिसंबर को हुई सीएम की जल अधिकार रैली से पहले पुलिस द्वारा दो वकीलों को गिरफ्तार किए जाने को लेकर उपजा विवाद का अभी तक नहीं सुलझ पाया है, कि बुधवार को इस मामले में नया मोड़ आ गया। पीड़ित अधिवक्ता कुलदीप भरगड़ ने थाना शहर पुलिस में शिकायत देकर एसपी चंद्रमोहन, डीएसपी नरेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर जसबीर सांगवान सीआईए इंचार्ज, सब इंस्पेक्टर अशोक, अनिल कुमार व 7-8 अन्य पुलिस कर्मचारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की अपील की है।
शिकायत की कॉपी सीएम, डीजीपी हरियाणा एवं आईजी साउथ रेंज रेवाड़ी को भी प्रेषित की है। शिकायत में पूरे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि 20 दिसंबर को पुलिस द्वारा उनके घर से जबरन बिना किसी अपराध के मुख्यमंत्री के आगमन से पहले उनके निवास स्थान दयानगर से अवैध रूप से गिरफ्तार कर लिया। उनके साथ उनके अधिवक्ता साथी मंजीत यादव को भी हिरासत में लिया गया था।
शिकायत में उन्होंने मांग की है कि घर में सोए हुए को जबरन जगाकर बिना किसी अपराध के उठाकर ले जाने, नारनौल सीआईए नांगल चौधरी थाना व सिटी थाना नारनौल में बंधक बनाकर रखने व प्रार्थी पर पिस्तौल तानकर मोबाइल छीनने व जान से मारने की धमकी देने तथा सरकारी पदों का दुरुपयोग कर प्रार्थी व उसके साथी मंजीत यादव एडवोकेट पर बिना किसी अपराध के धारा 107/151 सीआरपीसी की झूठी कार्रवाई करके प्रार्थी व उसके परिवार की छवि धूमिल करने तथा प्रार्थी को भविष्य में झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज करने एवं उसकी व उसके परिवार की जानमाल की सुरक्षा के मद्देनजर आरोपी पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला एवं सस्पेंड करने की मांग की मांग की गई है।
डीसी के आश्वासन के बाद भी मामला जस का तस है। इसके चलते अन्य साथियों के साथ मैंने बुधवार को थाना शहर पुलिस को शिकायत दी है। -कुलदीप भरगड़, एडवोकेट।
हां, शिकायत मिली है। इसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -कृपाल सिंह, प्रभारी, सिटी थाना, नारनौल।
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