उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा एवं भारतीय पुनर्वास परिषद नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित महाराजा नीमपाल सिंह राजकीय महाविद्यालय की ओर से दो दिवसीय संगोष्ठी का मंगलवार को समापन हुआ। समापन अवसर पर एमडीयू रोहतक के छात्र कल्याण विभाग के डीन एवं इमसार रोहतक के डायरेक्टर प्रो. राजकुमार मुख्यअतिथि के रूप में उपस्थित थे।
केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मध्यप्रदेश की जनसंख्या अनुसंधान केन्द्र की निदेशक डाॅ. रीना बासु विशिष्ट अतिथि एवं एमडीयू के मनोविज्ञान विभाग की वरिष्ठ प्रो. डाॅ. अरूणिमा गुप्ता मुख्यवक्ता के रूप में उपस्थित थी। महाविद्यालय प्राचार्य डाॅ. दिनेश गाबा ने संगोष्ठी समापन सत्र में आए अतिथियों का स्वागत किया। दो दिवसीय संगोष्ठी में 735 प्रतिनिधियों ने हिंसा व शांति विषय पर अपने शोध पत्र पेश किए। मुख्यअतिथि प्रो. राजकुमार ने संगोष्ठी के विषय को आज के संदर्भ में समय की जरूरत बताते हुए कहा कि हम हिंसा उत्पन्न करने वाले कारणों का निवारण करके शांति एवं वास्तविक खुशी प्राप्त कर सकते हैं।
प्रो. अरूणिमा गुप्ता ने हिंसा उत्पन्न करने वाले कारणों एवं उनके निवारण के उपायों पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला। प्रो. भीम सिंह, डाॅ. रणधीर रोहिल्ला व डाॅ. कपिल शर्मा ने मंच संचालन किया। सेमिनार कक्षों में कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय से डाॅ. रोहतास सिसोदिया, रणवीर सिंह यूनिवर्सिटी जींद से प्रो. शिवकुमार, डाॅ. कर्ण सिंह यादव, केन्द्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ से डाॅ. विश्वानंद यादव, सर्वजीत कोहली, डाॅ. बिजेंद्र अहलावत, सतीश कुमार, अनिल शर्मा, हरिकेश पंघाल, प्रो. उदय जैन, डाॅ. देवेंद्र दलाल, डाॅ. राजेश वर्मा, पंकज शर्मा ने विभिन्न सत्रों में चेयरपर्सन के रूप में भूमिका निभाई।
संगोष्ठी के संयोजक एवं मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष डाॅ. जगवीर मान ने बताया कि विभिन्न प्रतिभागियों ने प्रस्तुत शोध पत्रों में आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में खुशी के पल ढूंढने पर बल दिया।
राजकीय महाविद्यालय की ओर से संपन्न अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते वक्ता।
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