19 वर्ष पूर्व 12 वर्षीय छात्र की फिरौती के लिए अपहरण के बाद हत्या के मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुनः जांच शुरू की गई है। जांच के लिए गठित एसआईटी के सदस्य मृतक छात्र के मामा के डेरे पर गांव घीड़ में पहुंचे।
कई घंटे तक लंबी पूछताछ में जांच टीम ने संदिग्ध लोगों के बारे में जानकारी जुटाई। यह स्पेशल जांच टीम डीएसपी राजेश फोगाट के नेतृत्व में करनाल रेंज की आईजी भारती अरोड़ा द्वारा गठित की गई है। आईजी भारती अरोड़ा द्वारा स्वयं भी इस मामले में निगरानी रखी जा रही है। मामले के अनुसार कुंजपुरा निवासी महेंद्र कांबोज के 12 वर्षीय लड़के का जनवरी 2001 में शाम के करीब 6 बजे अज्ञात बदमाशों ने गांव से अपहरण कर लिया था। वह कक्षा 7वीं का छात्र था। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन कुछ हासिल न होने पर बाद में जांच जिला अपराध शाखा करनाल के सुपुर्द कर दी गई। घटना के करीब 2 माह बाद बच्चे का शव मुगल माजरा गांव के पास जंगलनुमा खेतों से मिला। मामले से जुड़ी कोई भी जानकारी न मिलने पर आखिरकार जांच बंद कर दी गई। इस गंभीर मामले की जांच बंद करने पर परिजनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए जांच सीबीआई से करवाने का आग्रह किया।
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