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Saturday, 27 June 2020

अमेरिका भिजवाने के नाम पर एजेंटों ने 3 युवाओं से की 62 लाख रुपए की धोखाधड़ी

तीन युवाओं ने अमेरिका में जाकर पैसा कमाने का सपना देखा। एजेंटों को 62 लाख रुपए भी दे दिए, लेकिन वह अमेरिका पहुंचने की बजाए वहां की जेल में कैद हो गए। वहां कोरोना के केस बढ़े तो अमेरिका ने युवाओं को वापस इंडिया भेज दिया। जहां से वह अपने घर पहुंचे। तीनों ने एजेंटों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है| सोहता के जसबीर सिंह ने कहा कि वह दसवीं पास है। उसे दिल्ली का महाराजा खान नाम का एक एजेंट मिला। अमेरिका भेजने के लिए 16 लाख में बात तय हो गई। अप्रैल 2019 में उसे पासपोर्ट व 50 हजार रुपए एजेंट को दिए।

एजेंट ने कहा कि आपकी टिकट बुक करानी है तो उसने ने 6 लाख रुपए और दे दिए। फिर उसे दिल्ली से एडीसबाबा, क्वीटो, पनामा, होनरेस, निकारागोवा, ग्वाटेमाला, कोस्टारिका होते हुए दो महीने बाद मैक्सिको भेजा। वहां उसने एक महीना कैंप में लगाया। वहां से उसका कंट्री पास बना और रास्ते में कई बार डोंकर मिलते रहे। इस दौरान परिजनों ने एजेंट को 10 लाख और दे दिए। उसके बाद उसे मैक्सिको का बॉर्डर पार करवाया गया। वहां उसे अमेरिका पुलिस ने पकड़ लिया। जहां उसे 44 दिन जेल में रखा गया। फिर क्लेकसिको कैंप में डाल दिया। क्लेकसिको कैंप वालों ने मिसीसिपी के कैंप में डाल दिया।

जहां वह लगभग एक महीना रहा। मिसीसिपी के बाद उसे लुसियाना के विन कोरकेंसन सेंटर कैंप में डाल दिया गया। जहां वह 9 महीने रहा। वहां से डेपुटेशन लगी तो वह टैक्सास आ गया। जहां से उन्हें सीधी फ्लाइट से इंडिया भेजा गया। दो दिन कुरुक्षेत्र रहा और घर आकर परिजनों को आपबीती बताई।

गवाटेमाल पहुंचने पर एजेंट ने बकाया राशि न देने पर वहीं छोड़ने की धमकी दी : भाग सिंह

बंसतपुरा के भाग सिंह ने शिकायत में बताया कि गांव जलूबी के महेश बाजवा व किरण नाम की महिला लोगों को विदेश भिजवाते हैं। दोनों के बीच वर्ष 2018 में 21 लाख में अमेरिका भेजने की बात तय हुई। 15 नवंबर 2018 को परिजनों ने महेश के घर जलूबी जाकर 6 लाख व कागजात दे दिए। 24 नवंबर 2018 को महेश फिर से उसके घर आया और 3 लाख रुपए और ले गया। एजेंट ने भाग सिंह को फ्लाइट में बिठा क्वेटो भेज दिया। उसे कई देशों में घुमाया गया। 20 दिसंबर 2018 को ग्वाटेमाला पहुंचते ही उसको एजेंट ने फोन कर बाकी के 12 लाख देने को कहा।

धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो इसी देश में छोड़ दिया जाएगा। जिस पर परिजनों ने 6 लाख रुपए उसे उसके घर जलूबी में जाकर दे दिए। इसके बाद परिजनों ने 6 लाख रुपए किरण नाम की महिला को जालंधर बस स्टैंड पर 24 दिसंबर 2018 को दिए। एजेंट ने उसकी अमेरिका में 20 जनवरी 2019 को एंट्री करवाई। जहां पर वह 21 जून 2020 तक जेल में रहा। अब वापस घर आया।

मौजगढ़ के दंपती को 25 लाख रुपए दिए, एक साल तक अमेरिका की जेल में रहा : नरेंद्र सिंह

गांव मौजगढ़ के नरेंद्र सिंह ने बराड़ा की करनाल कॉलोनी के पति-पत्नी पर अमेरिका भेजने के नाम पर 25 लाख रुपए ठगने का आरोप लगाकर एसपी को शिकायत दी है। जांच अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि एसपी के निर्देश पर मुलाना पुलिस ने सुरजीत सिंह व परमजीत कौर के खिलाफ इमीग्रेशन एक्ट 24, 370, 406 व आईपीसी के तहत केस दर्ज किया है। नरेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि वह 10वीं पास है। पिता आर्मी से रिटायर्ड हैं। उन्हें पता चला कि सुरजीत सिंह विदेश भेजने का काम करता है। नरेंद्र, उसका भाई शेरपाल व मां परमजीत काैर एजेंट सुरजीत सिंह के घर गए। 25 लाख में बात फाइनल हुई।

मई 2019 में सुरजीत व उसकी पत्नी परमजीत को 10 लाख रुपए दे दिए। उसे 10 मई को दिल्ली एयरपोर्ट से एक्वाडोर भेज दिया। सुरजीत व परमजीत ने उसके ग्वाटेमाला पहुंचते ही परिजनों ने 15 लाख रुपए भी ले लिए। उसके बाद से अलग-अलग वाहनों से मैक्सिको बाॅर्डर पर ले गए। वहां एजेंटों ने अमेरिका सीमा में दाखिल करवाकर उसके कागजात, पैसे व सामान रख लिया और कहा कि हमारा आदमी अमेरिका मे मिलेगा। लेकिन पुलिस ने उसे पकड़कर जेल में डाल दिया। एक साल बाद उसे भारत में डिपोट कर दिया।



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Agents cheated ~ 62 lakhs in the name of sending America


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