मानसून ने दस्तक दे दी है, लेकिन अभी जाेर का झटका धीरे से अगले सप्ताह लगने वाला है जब बारिश अपना रूप दिखाएगी। जलभराव के बाद शहर की स्थिति क्या हाेती है, इस बात से सभी वाकिफ हैं। सालाें से यह समस्या झेल रहे शहर की सुध लेने के लिए न ताे सरकार कोईयाेजना बना रही है औरन ही प्रशासन के पास काेई जवाब है। इस समय देखें ताे शहर तीन विभागों के बीच बंटा है, जिसमें जनस्वास्थ्य विभाग, हुडा और नगर निगम शामिल है।
शहर की ड्रेनेज और नालों की सफाई को लेकर भले सभी विभाग अपने अपने स्तर पर लगे हैं, लेकिन इसमें काफी देरी कर दी है। विभाग काेराेना काे लेकर इसकी वजह बता रहे हैं, पर लाेगाें में इस बात पर आक्राेश है कि धीमे गति से चले रहे विकास काे देखें ताे इस बार भी बरसात में अधिकांश क्षेत्र जलमग्न ही हाेंगे। उसमें औधाेगिक क्षेत्र, शहरी क्षेत्र और रिहायशी सेक्टर्स शामिल हैं।
दिल्ली राेड स्थित नव निर्मित नाले का हाेगा इम्तहान
दिल्ली राेड पर औधाेगिक क्षेत्र में बरसाती नाले की इम्तहान इस मानसून में हाेगा। सालाें से यह नाला बंद पड़ा था, जिसके कारण जिंदल चाैक तक का क्षेत्र तालाब का रूप धारण कर लेता था। विधुत नगर के सामने सड़क के दाेनाें ओर 2 से 3 फुट तक पानी भर जाता है। वैसे ताे यह नाला तीन दशक पुराना है, लेकिन एक साल पहले विधुत नगर के साथ और सामने पुराने बने नाले काे फिर से बनाया गया था। लेकिन नाले काे जिस तरह आकार दिया गया है, उससे लगता नहीं कि पानी का फ्लाे सीधा रहेगा।
ये हैं प्रमुख कारण
- पुराने शहर में पांच दशक से पुरानी पाइप लाइनें।
- शहर के बाहर लाे लाइन एरिया में बनी काॅलाेनियां।
- शहर के अंदर व बाहर साै से ज्यादा पशु डेयरियां, जाे गाेबर गंदगी सीवरेज में बहा रहे हैं।
- खाने पीने का सामान, गंदगी व पत्थर अादि भी सीवरेज में निकल रहे हैं।
खबर आंकड़ाें में
- शहर में 25 हजार मेनहाेल बने हुए हैं।
- स्थार्यी औरअस्थायी सीवरेज कर्मचारियाें की संख्या 170 है।
- सीवरेज लाइन के लिए 8 इंच, 10 इंच व 12 इंच की लाइन डाली जाती है।
- एक बड़ी सुपर सकर मशीन रात काे सीवरेज हाेल खाली करने के काम में लगी है।
पार्षद एवं सेक्टरवासी अमित ग्राेवर ने कहा सीवरेज बंद, नाले मार रहे बैक:-
सेक्टराें में बंद सीवरेज हुडा क्षेत्र वासियाें के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। पार्षद अमित ग्रोवर ने कहा कि हुडा प्रशासक एएस मान से मुलाक़ात करके समाधान करवाने का आग्रह किया था कि बंद सीवरेज खुलवाएं जाएं। ग्राेवर ने कहा कि सेक्टर -13 में सड़कों पर सीवरेज का दूषित पानी बह रहा है वहीं गंदगी से सांप और अन्य जीव निकल कर घराें में घुस रहे हैं। सेक्टरों में सुपर सक्कर मशीन से सफाई करवाई जाए। पहले भी सीवरेज ओवर फ्लो की समस्या लम्बे समय से बनी हुई है।
मानसून को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग ने ऋषि नगर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर एक अतिरिक्त माेटर लगा दी है, जाे दिन रात चलेगी व सीवरेज का पानी खींच कर एसटीपी में डालने का काम करेंगीं। सभी माेटरें नियमित चलती रहे इसके लिए सभी जगह जनरेटर्स का भी इंतजाम कर दिया गया है। जनस्वास्थ्य विभाग के 40 एमएलडी के 2 एसटीपी ऋषि नगर व राजगढ़ राेड पर काम कर रहे हैं। वहीं हुडा का 15 एमएलडी का एसटीपी ताेशाम राेड पर काम कर रहा है।
इन काॅलाेनियाें में ज्यादा है समस्या: अर्बन एस्टेट, महावीर काॅलाेनी, मिल गेट, 12 क्वार्टर, ढाणी श्याम लाल, पड़ाव, आदर्श नगर, गीता काॅलाेनी, कुंज लाल गार्डन, राजीव नगर, पटेल नगर का कुछ हिस्सा, न्यू जवाहर नगर, रायपुर राेड, कैप्टन स्कूल क्षेत्र, निरंकारी भवन राेड, अम्बेडकर काॅलाेनी, जयदेव ढाणी, संत नगर, कुम्हारान माेहल्ला, विजय नगर, माेहल्ला सैनियान, मनफूल की ढाणी आदि अनेक अन्य इलाके भी हैं जहां सीवरेज जाम हाेने की शिकायतें आए दिन जनस्वास्थ्य विभाग में दर्ज हाे रही हैं।
ये बाेले आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि
अर्बन एस्टेट में बरसाती नाले के काम काे लेकर लाेग संतुष्ट नहीं हैं। प्रतिनिधि विरेंद्र गुप्ता, अशाेक कुमार, संताेष सिंह, कुलदीप सिंह आदि ने बताया कि नाले की सफाईमें लापरवाही बरती जा रही है। कही साफ किया जा रहा है ताे कही काम काे अधूरा छाेड़ा जा रहा है। इसलिए लाेग साेमवार काे इसकी शिकायत हुडा अधिकारियाें काे करेंगे। विरेंद्र गुप्ता ने कहा कि अर्बन एस्टेट के मकानाें में सीवरेज बैक मार रहे हैं। लेकिन कोईसुनवाईनहीं हाे रही है।
जनस्वास्थ्य विभाग दिन रात बंद सीवरेज लाइनाें ड्रेनाें की मरम्मत में लगा है। हालांकि कुछ क्षेत्राें में काम की रफ्तार काे तेज किया जा रहा है। पुरानी सब्जी मंडी में सुपर सकर मशीन के साथ मैनुअल पावर लगाईगई है। शाहपुर और बगला से गुजरने वाली कच्ची ड्रेनेज की सफाईलगभग पूरी हाे चुकी है।-गुरतेज सिंह, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग, हिसार।
नगर निगम के तहत आने वाले नालाें व सीवरेज के रूके काम काे दुरूस्त करवाया जा रहा है। जिन रिहायशी इलाकाें में जलभराव की समस्या है, वहां तकनीकी अधिकारियाें व कर्मचारियाें से जांच करवाईजा रही है। नगर निगम का प्रयास है कि इस मानसून में पिछड़े इलाके व बस्तियाें ने पानी न भरें।-गाैतम सरदाना, मेयर, नगर निगम, हिसार।
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