कोरोना संक्रमण के लगातार फैलाव के चलते जिले में कंटेनमेंट जोन की संख्या 101 हो गई है। ऐसे कंटेनमेंट जोन में शुरुआती चरण में जो सख्ती बरती गई वह अब नहीं दिख रही। 28 दिनों के लिए बनाए जाने वाले इन कंटेनमेंट जोन में पूरी हलचल है। शनिवार को अलग-अलग कंटेनमेंट जोन में रेंडम तरीके से चेक किया तो इन कंटेनमेंट जोन में ज्यादातर जगह होमगार्ड तक नहीं मिले। केवल बेरिकेड्स लगाकर छोड़ दिया गया। कई इलाके ऐसे भी हैं जहां सेनिटाइज तक नहीं किया गया है।
कैंट के लालकुर्ती इलाके में रेलवे में कंस्ट्रक्शन का ठेका लेने वाली फर्म के इंजीनियर समेत तीन कोरोना पॉजिटिव मिले थे। जिस मकान में मरीज पॉजिटिव आए उसके बाहर शाम को गली में रोजाना न केवल बैडमिंटन खेला जा रहा है बल्कि मास्क तक का उपयोग नहीं किया जा रहा।
विराट नगर : मरीज ठीक होकर चले गए, एरिया अभी कंटेनमेंट : विराट नगर में स्टाफ नर्स का भाई व दो भतीजे कोरोना पॉजिटिव मिले थे। इस गली को जहां बेरीकेड्स से बंद किया हुआ है लेकिन दूसरी तरफ अंदर से एक गली से उस घर तक जाने का रास्ता है जहां कोरोना पेशेंट थे। इन बेरिकेड्स के नीचे से ही लोग आ जा रहे थे। दोपहर करीब एक बजे यहां एक युवक बाहर से आया व एक बच्चा व बुजुर्ग बेरिकेड्स के अंदर की तरफ से बाहर आए। मंदिर के अंदर बैठा होमगार्ड बुलाने पर बाहर आया। जिसका साथी बाहर मोबाइल पर बात कर रहा था। होमगार्ड ने बताया कि मरीज ठीक होकर दिल्ली जा चुके हैं। नौकरीपेशा लोगों को दिक्कत आती थी। शुरू में छह लोगों ने पास बनवाया फिर छह और पास बने। बीएसएनएल का दफ्तर होने से आवाजाही है। इस एरिया को 6 जुलाई तक कंटेनमेंट बनाया है।
मॉडल टाउन : मुख्य रास्ता एक तरफ से बंद, साथ की गलियाें से आवाजाही : मॉडल टाउन में जिस घर में पिता-पुत्र कोरोना पॉजिटिव मिले थे। उनके घर के आगे की तरफ मुख्य रास्ते को बंद किया हुआ है। दोपहर करीब एक बजे यहां कोई होमगार्ड नहीं था। रास्ता सिर्फ एक तरफ से ही बंद था जबकि साथ लगती गलियों से अंदर लोग जा रहे थे। दूसरी तरफ कैलाश नगर में जिस मकान में प्राइवेट डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव मिली हैं वहां रास्ता चारों तरफ से बंद किया हुआ है।
लक्ष्मी नगर, प्रिंस कॉलोनी व जेल लैंड में भी नहीं मिले होमगार्ड
लक्ष्मी नगर में गली को बंद किया हुआ था। दोपहर का वक्त होने से गली में कोई हलचल नहीं थी लेकिन यहां होमगार्ड अथवा पुलिस कर्मी नहीं था। इसी प्रकार जेल वार्डन के पॉजिटिव आने के बाद सेंट्रल जेल की दीवार से जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया है लेकिन यहां होमगार्ड नहीं था। यही हाल जंडली की प्रिंस कॉलोनी में भी देखने को मिला।
दर्जियां वाले चौक के पास शाम को लगती है भीड़
दर्जियां वाले चौक के पास जिस गली में दिल्ली की ट्रेवल हिस्ट्री वाली महिला कोरोना पॉजिटिव मिली थी उसे दोनों तरफ से बंद किया हुआ है। हालांकि, इस गली के अंदर रौनक पूरी थी। शाम होते ही बेरिकेड्स के पास युवा खड़े नजर आए। कुछ के चेहरे पर मास्क थे तो कुछ बिना मास्क के थे। पास ही कुर्सियों पर बैठे पुलिस कर्मियों को भी घेरा डाले लोग खड़े थे। दूसरी तरफ फ्रेंड्स कॉलोनी में भी रास्ता सील किया हुआ था। यहां होमगार्ड ड्यूटी दे रहा था।
संगरानी में अब तक सेनिटाइजेशन तक नहीं
गांव संगरानी के युवक की रिपोर्ट 14 जून को पॉजिटिव आई थी। वह ठीक होकर अपने घर आ गया है। अभी तक यहां सेनिटाइजेशन नहीं हुआ है। जिस घर में मरीज पॉजिटिव आया था उसमें सामान पहुंचाने की कोई व्यवस्था नहीं की तो गांव व पड़ोस के लोगों ने मदद की। ओरिसन फार्मा में अकाउंटेंट नबीपुर का युवक ठीक होकर घर वापस आ गया था। यहां भी होमगार्ड व पुलिस की कोई तैनाती नहीं है।
कंटेनमेंट जाेन के मायने : जिला प्रशासन के नियमाें के मुताबिक कंटेनमेंट जाेन में अाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग हाेती है। जिसमें थर्मल स्कैनिंग से लेकर लक्षण वाले लोगों के सैंपल तक लिए जाने होते हैं। आवाजाही सील कर पॉजिटिव मरीज के घर की तरफ जाने वाले रास्तों को सील किया जाता है। स्थानीय निकाय, पीडब्ल्यूडी व स्वास्थ्य विभाग बेरिकेडिंग का जिम्मा संभालते हैं। जिस परिवार में मरीज आया था उसमें खाना व अन्य जरूरत का सामान पहुंचाने का जिम्मा भी प्रशासन की तरफ से बनाए वालिंटियर का रहता है। 28 दिनों के लिए यह जोन बनाए जाते हैं।
राहत भरी 2 खबरें
- 25 दिन में पहली बार नया कोरोना केस नहीं
- एक ही दिन में 25 मरीज हुए डिस्चार्ज
कुल 309 में से जून माह में आए 255 मरीज
जून में 25 दिनों बाद लगातार आ रहे कोरोना के केसों पर शनिवार को ब्रेक लग गया। जून में अब तक रोजाना लगभग 10 केस प्रतिदिन के हिसाब से आए हैं। कुल 309 केसाें में से 255 जून महीने में ही सामने आए हैं। दूसरी राहत की खबर यह रही कि 21 मरीजाें को अस्पतालों से ठीक होने के बाद छुट्टी मिल गई। जिले में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 241 हो गई है। इससे जिले में रिकवरी रेट लगभग 78 प्रतिशत पहुंच गया है जो कि प्रदेश के रिकवरी रेट से कहीं ज्यादा है। इन मरीजों की छुट्टी होने के बाद जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या 86 रह गई है। शुक्रवार तक लिए सभी सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई।
शनिवार को देर शाम तक करीब 300 सैंपल लिए गए हैं। सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि आज तक जिले में 14,588 सैंपल लिए गए हैं। इनमें से 14,023 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। शनिवार को कंटेनमेंट जोन से 19,488 लोगों की स्क्रीनिंग कर 10 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। अम्बाला कैंट रेलवे स्टेशन पर 11 व सिटी स्टेशन पर आए 3 यात्रियों के सैंपल लिए गए हैं। अब तक जिले में 4,83, 203 लोगों के सैंपल लिए गए हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2A7XuUq