राजस्थान होते हुए टिड्डी दल शुक्रवार को महेंद्रगढ़ के रास्ते राज्य में प्रवेश कर गया। 10 किमी. लंबे व 6 किमी. चौड़े क्षेत्र में फैले दल ने 5 घंटे तक नारनौल-रेवाड़ी के 30 से ज्यादा गांवों में 1 हजार एकड़ से अधिक फसल को नुकसान पहुंचाया। विशेषज्ञों के मुताबिक टिड्डी दल पाकिस्तान से आया है। कृषि विभाग के सहायक निदेशक डॉ. सुरेंद्र सिंह दहिया के मुताबिक रेवाड़ी के जाटूसाना क्षेत्र के करीब 10 गांवों में 20 टीमों ने रात 12 बजे से स्प्रे शुरू कर दिया, जो कि सुबह 8 बजे तक चलेगा।
प्रत्येक टीम एक अधिकारी समेत 7 लोग हैं। दूसरी ओर कृषि मंत्री जेपी दलाल शनिवार सुबह आठ बजे इन गांवों का दौरा करेंगे। केंद्र से दो टीमें भी स्प्रेयर आदि के साथ हरियाणा में पहुंच चुकी हैं।
9.25 लाख हेक्टेयर फसलों पर खतरा: प्रदेश में कपास की 7.25 लाख हेक्टेयर व बाजरा की करीब दो लाख हेक्टेयर फसल है। दोनों फसलें फिलहाल छोटी हैं और टिड्डी दल इन पर हमला कर इन्हें चट कर सकता है।
फसलों, पौधों और पेड़ों को भारी नुकसान पहुंचाती हैं, नारनौल से शाम 4.30 बजे रेवाड़ी में पहुंचा टिड्डी दल
राजस्थान में कहर बरपाने के बाद टिड्डी दल ने अचानक ही रेवाड़ी जिले में हमला बोल दिया। महेंद्रगढ़ के रास्ते ये टिडि्डयां रेवाड़ी जिले में प्रवेश कर गईं। नारनौल क्षेत्र के कई गांवों में फसलों और पेड़ पौधों का नुकसान पहुंचाया, मगर रेवाड़ी में 4 घंटे तक आसमान में मंडराने के बाद अंधेरा होते ही जाटूसाना क्षेत्र में उतरी। टिडि्डयों के जिले में आने की सूचना के साथ ही प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। डीसी यशेंद्र सिंह समेत तमाम आला अधिकारी मौके पर जायजा लेने पहुंच गए। 10 किलोमीटर लंबाई और 6 किलोमीटर चौड़ाई में फैले खतरनाक टिड्डी दल ने खोल ब्लॉक के साथ ही जाटूसाना क्षेत्र में खतरा बनाए रखा।
हालांकि तुरंत प्रभाव से जिले के कृषि विभाग समेत अन्य संबंधित विभाग हरकत में आ गए। रात 11.30 बजे स्प्रे कर टिडि्डयों को मारने का अभियान शुरू हुआ, जो सुबह तक चला। गत वर्ष भी इस टिड्डी दल ने प्रवेश किया था, मगर उस समय टिडि्डयों की संख्या कम होने उतना नुकसान नहीं था। मगर इस बार इनका समूह विशाल हैं। पाकिस्तान से राजस्थान के रास्ते अप्रैल में टिड्डी दल देश में आया था। कृषि विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. एसएस दहिया के मुताबिक स्प्रे के इस काम के लिए 20 टीमें लगेंगी। प्रत्येक टीम में एक अधिकारी समेत 7 लोग होने संभव हैं। पूरे जिले के लिए फायरब्रिगेड के साथ ही 540 ट्रैक्टर माउंडेट स्प्रे हैं। एक गांव में लगभग 10 ट्रैक्टर लगाने की जरूरत पड़ सकती है।
टिडि्डयों ने सुबह नारनौल, शाम को रेवाड़ी में डाला डेरा
वन विभाग नारनौल के क्षेत्रीय अधिकारी रजनीश बताते हैं कि राजस्थान की सीमा से सटे महेंद्रगढ़ जिले के गांव दंचौली-रामबास गांव में सुबह करीब 11.30 बजे टिड्डी दल ने प्रवेश किया। इसके बाद नारनौल क्षेत्र में 20 से 25 गांवों में खेतों में खड़े बाजरा-कपास की 20-22 दिन की फसलों और पेड़-पौधों पर बैठीं। कृषि विभाग, वन विभाग समेत तमाम विभागों के अधिकारी इन टिडि्डयों को उड़ाने के लिए फील्ड में उतर आए। 3 बजे तक नारनौल पर मंडराने के बाद करीब 4.30 बजे रेवाड़ी जिला के गांवों की ओर यह दल बढ़ा गया।
गांव मंदौला, सीहा, औलांत होते हुए शाम 8 बजे जाटूसाना ब्लॉक के गांव बेरली, बिहारीपुर, परखोतमपुर, बोहतवास, गोपालपुर, गुडियानी, लाला, बालधनपुर बेरली, मूसेपुर आदि गांवों में पहुच गया। प्रशासन की टीमों ने दिन के समय दल को नहीं बैठने दिया।
रातभर में दो राउंड में किया जाएगा स्प्रे
डीसी यशेंद्र सिंह ने बताया कि जाटूसाना क्षेत्र के 12 गांवों में रात को टिड्डी दल उतरा। इनमें बोहतवास भोदूं, गोपालपुर गाजी, बालधन कला, बालधन खुर्द, बेरली कला, बेरली खुर्द, बाबडौली, परखोतमपुर, चौकी नंबर-2, नांगल पठानी, जाटूसाना, मुसेपुर व गांव लाला शामिल हैं। इनके एक जगह स्थिर होते हुए रात 11.30 बजे स्प्रे शुरू कर दिया गया। बताया जा रहा है कि दो राउंड में स्प्रे किया जाएगा। पहले 3-4 घंटे ऑपरेशन चलेगा, इसके बाद सुबह करीब 5 बजे दोबारा से स्प्रे किया जाएगा।
भगाने के लिए लोग थाली-परात लेकर खेतों में पहुंचे
जैसे ही टिड्डी दल ने हमला किया लोग थाली और परात लेकर खेतों में निकल आए। आग जलाकर धुआं भी किया गया। शोर और धुएं में ये टिडि्डयां नहीं ठहरती। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दवाई का भरपूर मात्रा में स्प्रे करें तथा जहां यह दल ठहर रहा है वहां थाली, प्लेट, परात, ढ़ोल-नगाड़े या अन्य यंत्र जो ज्यादा आवाज व शोर करें उनको खेतों में बजाएं।
ठीकरी पहरा लगाने के आदेश
जिलाधीश यशेन्द्र सिंह ने टिड्डी दल से बचाव के लिए जिला के सभी स्वस्थ नौजवानों को अपने-अपने गांवों में कोविड-19 के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग का प्रयोग करते हुए सख्त ठीकरी पहरा लगाने के आदेश जारी किए हैं। टिड्डी दल के गांव में प्रवेश की सूचना प्रशासन को जारी किए गए हेल्प लाइन नंबर पर दें।
राउंड दि क्लॉक कंट्रोल रूम स्थापित
उप-निदेशक कृषि कार्यालय में 24 घंटे जिलास्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। दूरभाष नम्बर 01274-222322 तथा मोबाइल नम्बर 9467259229 (रविन्द्र कुमार, कृषि विकास अधिकारी, पौधा संरक्षण) पर किसान सूचित कर सकते हैं। खंड स्तर पर ब्लॉक कृषि अधिकारी कोसली 8684888854 तथा सतीश एडीओ नाहड़ 9812470692 को आमजन टिड्डी दल के आगमन की सूचना तुरंत दे सकते हैं, ताकि तुरन्त टिड्डी दल की रोकथाम के बचाव के तरीके अमल में लाएं जा सकें।
ऑपरेशन के दौरान डटे रहे अफसर
मौके पर डीसी यशेंद्र सिंह के अलावा एडीसी राहुल हुड्डा, एसडीएम रविंद्र यादव समेत तमाम आला अधिकारी मौके पर डटे रहे। रात को भी डीसी प्रत्येक 12 गांवों में स्प्रे की चेकिंग करने के लिए खुद दौरे पर रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए। सभी 12 गांवों के लिए अधिकारियों की नियुक्त की गई है।
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