अपदस्थ 1983 पीटीआई शिक्षकों की नौकरी की बहाली को लेकर शुक्रवार को देशवाल खाप और चौबीसी सर्वखाप पंचायत महम समर्थन देने के लिए धरनास्थल पर पहुंची। सेवानिवृत डीईओ बलवंत नरवाल ने कहा कि आज कोरोना महामारी की आड़ में पीटीआई शिक्षक रोजी-रोटी के लिए सड़कों पर आने को मजबूर हो गए हैं। ऐसी संकट की परिस्थिति में सरकार को सोचना चाहिए कि जब घर का मुखिया ही खाली बैठ जाए तो पूरे परिवार पर इसका क्या असर होता है।
पीटीआई संघर्ष कमेटी के प्रधान संदीप किशनपुरिया व प्रवक्ता महाबीर सिंह सैनी ने कहा कि इन राजनीतिक व्यक्तियों ने सारी न्याय पालिका व प्रजातांत्रिक व्यवस्था की गरिमा को ही खत्म कर दिया है। सीआईटीयू के उपाध्यक्ष सतबीर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने पीटीआई शिक्षकों को नौकरी से हटाकर बहुत ही गैर जिम्मेदाराना काम किया है। पीटीआई सुमन, बबीता, सुनील हुड्डा और सुरेंद्र शर्मा भूख हड़ताल पर बैठे।
चौबीसी सर्व खाप पंचायत महम के प्रधान महाबीर सिंह, बलवंत आर्य, महासचिव रामफल राठी, कार्यवाहक प्रधान रामकुमार, अखिल भारतीय देशवाल खाप के कार्यकारी अध्यक्ष संजय देशवाल, जोगेंद्र करोथा, कामरेड राम किशन, रमेश चंद गहलावत, मंजीत दिशा ने भी समर्थन दिया। यहां उन्होंने पीटीआई शिक्षकों की नौकरी की बहाली के लिए आवाज बुलंद की।
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