नगर पालिका द्वारा शहर का सर्वे करवाया जा रहा है। सर्वे में शहर में बने कंडम भवनों की रिपोट तैयार की जाएगी। सर्वे के लिए सोमवार से कार्य आरंभ किया जाएगा। नगर पालिका भवन निरीक्षक की माने तो सूची तैयार करके इन्हें नोटिस भेजा जाऐगा। बेरी के कुरड़ में मौहल्लों में 28 साल पहले तीन परिवार के तीन बेटे हवेली गिरने से दब गए थे। इस हादसे में तीनों बच्चों ने दम तोड़ दिया था। शहर की विभिन्न मोहल्लों में पुराने भवन बने हुए हैं। इनमें से कई भवनों की स्थिति ऐसी है, जो अधिक पुराने हैं और किसी भी समय गिर सकते हैं। इससे बड़ा हादसा हो सकता है।
शहर में पुरानी देबी मंदिर वाली गली, स्वराजगंज, भजना आश्रम वाली गली क्षेत्र में कई पुराने भवन हैं। कुछ भवनों के मालिक इन्हें बंद करके व्यापार के सिलसिले में दूसरे शहरों में शिफ्ट हो चुके हैं। हादसे की आशंका को समाप्त करने के लिए नपा अधिकारियों ने शहर का सर्वे कराने का निर्णय लिया है। सर्वे में शहर में पुराने एवं कंडम भवनों की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर भवन मालिकों को नोटिस जारी कर कंडम भवनों को तोड़ने के निर्देश दिए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि सर्वे का कार्य जल्दी ही आरंभ कर दिया गया। दो वर्ष से लोग सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करवाकर कंडम भवनों को गिरवाने की मांग की थी। इस दौरान कई भवन मालिकों को नोटिस जारी किए थे।
इनमें से दो हवेलियों को गिरा दिया। जबकि बाकी के भवन ज्यों के त्यों खड़े हैं। नप अधिकारियों का कहना है कि अब नए सिरे से शहर में कंडम भवनों का सर्वे किया जा रहा। शहर में निजी भवनों के साथ-साथ सिटी स्कूल, भजना आश्रम स्कूल की इमारत भी कंडम हालत में है। जिसके कारण बंद इमारत आसपास के मकानों को नुकसान पहुंचा रही हैं। बरसात के दिनों में मकान में पानी मार करता हैं। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका से समस्या का समाधान करने की मांग हैं। बता दें बेरी सेठों की नगरी है पुराने समय में हवेलियां बेरी और भिवानी में होती थी। बेरी के लोग व्यापार के सिलसिले में मकानों को ताला लगाकर बाहर चले गए। सालों तक मकानों को संभाला नहीं।
अब वह मकान बेरी के लोगों के लिए मुसीबत बन गए 25 साल पहले बेरी के कुरड़ मौहल्लों में एक हवेली गिर गई थी। उस हवेली के नीचे 3 बच्चें और बछड़े की दबने से मौत हो गई थी। उन परिवारों के लोगों ने भी बताया कि जिस तरह का हादसा उनके परिवार के साथ हुआ उनके साथ न हो उसके लिए नगर पालिका को पुराने भवनों को गिरा देना चाहिए। ताकि पुरानी हवेलियां हादसे का कारण न बनें। नगर पालिका भवन निरीक्षक प्रवीन छिक्कारा ने बताया कि कंडम भवनों की पहचान करने के लिए सर्वे का काम किया जा रहा है। सोमवार तक पूरा हो जाऐगा। ताकि पुरानें भवनों से किसी आमजन को नुकसान न हो। जल्द ही भवन मालिकों को अलग-अलग शहरों में नोटिस थमाए जाएंगे और भवनों को गिरा दिया जाएगा।
नगर पालिका के अफसरों से सलाह लेकर बंद पड़े पुराने भवनों की सूची तैयार कराई जा रही है। ताकि किसी के मकान को नुकसान न हो।
-जिंदल देवी, नगर पालिका चैयरपर्सन बेरी
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