अब राजकीय कॉलेजों के स्नातक व स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष में पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट को पासपोर्ट बनवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इन विद्यार्थियों के काॅलेजों में ही पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इसके लिए कॉलेजों में नोडल अधिकारी तक की नियुक्ति हो गई। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते फिलहाल कॉलेज बंद चल रहे हैं।
ऐसे में अब फिर से इसके लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। इस प्रक्रिया के तहत कॉलेजों में पत्र भेजकर सरकार की ओर से उच्चतर शिक्षा विभाग के माध्यम से किस कॉलेज के स्नातक व पीजी के अंतिम वर्ष में कितने विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। यह डिटेल मांगी गई है। विद्यार्थियों को कॉलेज की तरफ से भेजे जाने वाले गुगल लिंक पर अपनी पूरी डिटेल भेजनी होगी। यहां बता दें कि जिले में लगभग 2500 से ज्यादा विद्यार्थियों को इसका फायदा मिलेगा।
विदेश में कर सकते हैं स्टूडेंट पढ़ाई
ये पासपोर्ट इसलिए बनाए जा रहे हैं कि अधिकतर स्टूडेंट को पता ही नहीं होता है कि पासपोर्ट कहां बनाए जाएंगे। विद्यार्थियों को इधर-उधर ही चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में अब कॉलेजों में ही ये पासपोर्ट बनने से विद्यार्थियों को पासपोर्ट दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने होंगे। अब फिर से कॉलेजों में यह प्रक्रिया शुरू हो गई है। कॉलेजों की तरफ से उनके यहां कितने स्टूडेंट अध्ययनरत है, उनके नाम, एड्रेस सहित अन्य जरूरी डिटेल भेजनी होगी। पूरी डिटेल के बाद आगामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जिले में कॉलेज
फिलहाल जिले में सेक्टर-18 गर्ल्स कॉलेज, रेवाड़ी ब्वायज कॉलेज, बावल राजकीय कॉलेज, महिला कॉलेज बावल, पाली महिला कॉलेज, नाहड़ कॉलेज, खरखड़ा कॉलेज, गुरावड़ा कॉलेज, जाटूसाना कॉलेज, कंवाली कॉलेज व कोसली कॉलेज शामिल हैं।
स्टूडेंट की भेजी जा रही पूरी जानकारी : प्रिंसिपल
स्नातक व स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष में पढ़ रहे स्टूडेंट की पूरी डिटेल मांगी गई है। सूचना एकत्र कर भेजने का कार्य जारी है। आगामी प्रक्रिया के लिए जो भी निर्देश आएंगे, उनकी अनुपालना की जाएगी। -डॉ. सुधीर यादव, प्रिंसिपल, कोसली कॉलेज।
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