खेड़ी तगा गांव में सरपंच पद से हट चुके धर्मबीर की सेशन कोर्ट से दूसरी बार भी याचिका खारिज हो गई है। इससे पहले सेशन कोर्ट के अलावा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन दोनों से जगह से याचिका खारिज हो गई थी। सरपंच पर गबन का आरोप में बड़ी थाना में केस रजिस्टर्ड होने के साथ ही उपायुक्त ने सरपंच पद से हटा दिया था।
वेदप्रकाश पुत्र पोखरदास वासी खेड़ी तगा ने बताया कि सरपंच व तत्कालीन ग्राम सचिव, हाल में एसईपीओ पर गांव में विकास कार्य करवाने की आड में फर्जी तरीके से दिल्ली में जॉब करने वाले गांव के एक युवक का नाम मस्टरोल में चढ़ाकर तीन माह के करीब साढ़े ११ हजार रुपए निकलवा कर दुरुपयोग करने का आरोप लगा है।
जोकि अधिकारियों की जांच कमेटी में सही साबित हो चुका है। उन्होंने बताया कि वर्ष २०१९ में सरपंच व एसईपीओ के खिलाफ बड़ी थाना में मामला दर्ज हुआ था। साल भर होने को है लेकिन अभी तक पुलिस की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। पीडि़त के मुताबिक सरपंच की सेशन कोर्ट सोनीपत व हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका पहले ही खारिज चुकी है। उन्होंने बताया कि बीते दिनों उपायुक्त ने सरपंच को डिसमिश कर दिया है। आरोप है कि पुलिस आरोपी सरपंच को अरेस्ट करने में ढील बरत रही है। जबकि धर्मबीर अग्रिम जमानत याचिका को लेकर दूसरी बार सेशन कोर्ट पहुंचा है। जहां से उसकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है।
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