10 नवंबर को ‘लघु सचिवालय भ्रष्टाचार मुक्त’ अभियान से जुड़े लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त राजेश जोगपाल से बैठक की थी। प्रतिनिधिमंडल सदस्यों इस दौरान उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए लघु सचिवालय में फैले भ्रष्टाचार खत्म करने की मांग रखी थी। उपायुक्त ने एसडीएम डॉ. विरेंद्र सिंह को पूरे मामले पर नजर बनाए रखने के लिए नियुक्त किया था। अब जिला प्रशासन की सख्ती का असर हर सीट पर दिखने लगा है।
धीरे-धीरे हर सीट पर रेट लिस्ट लगाए जाने की तैयारी चल रही है। शुक्रवार को नायब तहसीलदार ने तहसील परिसर में बैठे नक्शा नवीस, स्टाम्प पेपर विक्रेता आदि की सीटों पर पहुंचे। इस दौरान नायब तहसीलदार ने प्रत्येक वेंडर को हिदायत दी की जल्द से जल्द अपनी दुकान के बाहर रेट लिस्ट चस्पा अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी। ‘लघु सचिवालय भ्रष्टाचार मुक्त’ अभियान से जुड़े लोगों 7 नवंबर को जिले की खापों, राजनीतिज्ञाें, सामाजिक कार्यकर्ताओं समेत समाज के प्रबुद्ध लोगों की एक बैठक बुलाई थी। बैठक में भ्रष्टाचार से जुड़े हर मुद्दे पर गहन मंथन हुआ था।
इसके बाद उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने का फैसला लेते हुए 15 दिन की जिला काे समय देने की बात कही गई। 10 नवंबर को उपायुक्त से मिलकर सभी बातें उनके सामने रखी गई। उनकी आश्वासन दिया कि हर बात पर काफी बारिकी से नजर रखी जाएगी। उनका कहना था कि जिला प्रशासन भी चाहता है कि आम आदमी को लघु सचिवालय में किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना ना करना पड़े। इस बात को मद्देनजर रखते हुए उन्होंने एसडीएम डॉ. विरेंद्र सिंह को इस पूरे मामले पर नजर रखने की जिम्मेवारी सौंपी। एसडीएम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सरल केंद्र आदि की सीटों पर पहुंचकर सभी कर्मचारियों का साफ साफ हिदायत देते हुए चेतावनी भी कि किसी प्रकार की कोई शिकायत आम आदमी की तरफ से अधिकारियों के पास नहीं आनी चाहिए। शिकायत आने पर दोषी कर्मचारी को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा।
एसडीएम कर चुके हैं सरल केंद्र का निरीक्षण
पिछले सप्ताह एसडीएम डॉ. विरेंद्र सिंह ने सरल केंद्र का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने सभी सीटों के कर्मचारियों ने सख्त आदेश दिए थे कि प्रत्येक पब्लिक डिलिंग की सीट पर निर्धारित फीस की रेट लिस्ट लगी होनी चाहिए। लोगों को सरल केंद्र से मिलने वाली सुविधाओं की लाभ तय समय सीमा में ही मिलना चाहिए। साथ ही सीट पर बैठे संबंधित कर्मचारी की जिम्मेवारी और जवाबदेही होनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने सभी कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए दिशा निर्देश दिए थे कि अगर किसी आम आदमी द्वारा किसी भी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत दी जाती है तो कर्मचारी पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
आम आदमी को परेशानी नहीं इसलिए लिया गया फैसला:एसडीएम
जिला प्रशासन लगातार लघु सचिवालय की प्रत्येक पब्लिक डिलिंग सीट पर नजर रखे हुए है। लघु सचिवालय में कार्य के लिए आने वाले किसी भी आम आदमी को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। सभी कर्मचारियों को दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं। रेट लिस्ट और कार्य की तय समय सीमा की जानकारी प्रत्येक सीट पर लगाई जा रही है।'' - डॉ. विरेंद्र सिंह, एसडीएम|
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