खस्ताहाल रोहतक रोड को लेकर गुरुवार को जींद विकास संगठन, फर्नीचर एसोसिएशन के आह्वान पर सैकड़ों दुकानदार और यहां के बाशिंदे सड़कों पर उतर आए। इस दौरान देवीलाल चौक से लेकर रोहतक रोड बाईपास चौक तक की सभी दुकानें प्रतिष्ठान बंद रहे। खस्ताहाल सड़क के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर सैकड़ों लोग सुबह बाईपास चौक पर एकत्र हुए। इसके बाद बैंड-बाजे के साथ विरोध प्रदर्शन करते हुए देवीलाल चौक पर पहुंचे। यहां पर करीब दो घंटे तक दुकानदारों व अन्य लोगों ने खस्ताहाल सड़क के विरोध में धरना देकर रोष जताया।
इस दौरान सीटीएम होशियार सिंह, डीएसपी कप्तान सिंह व नगर परिषद के अधिकारी दुकानदारों को समझाने के लिए मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के सामने दुकानदारों ने खस्ताहाल सड़क के कारण उन्हें हो रही परेशानियों को एक-एक कर गिनवाया। दुकानदारों का कहना था कि अब सड़क से उड़ रहा रेत उनकी थाली तक पहुंच गया। अब तक वे कोरोना से तो बच गए थे लेकिन अब उन्हें धूल से सबसे बड़ा खतरा है। यदि सड़क पुनर्निर्माण को लेकर जल्द ही प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की तो वे दिवाली पर रोहतक रोड से रेत के डिब्बे भरकर सभी बड़े अधिकारियों को सौंपेंगे।
प्रशासन सड़क के पुनर्निर्माण को लेकर गंभीर : सीटीएम
सीटीएम होशियार सिंह ने दुकानदारों को आश्वासन दिया कि प्रशासन इस सड़क के पुनर्निर्माण को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। एक सप्ताह के अंदर नगर परिषद से अमरुत योजना का काम पूरा होने की एनओसी मिल जाएगी और उसके बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने दुकानदारों को बताया कि जल्द डीसी सड़क पुनर्निर्माण को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। जिसमें दुकानदारों के भी एक प्रतिनिधि मंडल को आमंत्रित किया जाएगा।
मांगें नहीं मानी तो करेंगे आंदोलन
जींद विकास संगठन के अध्यक्ष राजकुमार गोयल का कहना है कि दुकानदारों की 5 मांगे हैं। यदि प्रशासन इनको पूरा करने का ठोस आश्वासन नहीं देता है तो फिर इसके विरोध में आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनकी मांगों में रोहतक रोड पर बीच में डिवाइडर बनाकर वन-वे सड़क बनवाई जाए। यहां सड़क पर टाइलें न लगाई जाएं। 1 जनवरी से पहले पहले रोड का निर्माण हो। जब तक रोड का निर्माण नहीं होता तब तक इस रोड से गुजरने वाले भारी व्हीकल पर पूरी तरह से पाबंदी हो। हर रोज यहां पानी का छिड़काव हो। इसके अलावा इस रोड पर अमरुत योजना कि तहत जितने भी काम हुए हैं उनकी किसी बड़ी एजेंसी से जांच करवाई जाए।
4 मार्ग आरओबी बनने से बंद, वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं
शहर में रोहतक रोड के साथ दूसरे कई मुख्य मार्ग हैं जिनकी हालत इन दिनों खस्ताहाल बनी हुई है। सड़कों पर बने गड्ढे और उड़ती धूल के कारण शहरवासियों व वाहन चालकों को लंबे समय से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके इन खस्ताहाल सड़कों का पुनर्निर्माण नहीं हो पा रहा। इसी तरह से शहर के 4 मुख्य मार्ग आरओबी बनने के कारण पिछले डेढ़-दो साल से बंद पड़े हैं। इन मार्गों को बंद करने से पहले किसी मार्ग पर वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की गई। इससे वाहन चालकों को शहर के बीचोंबीच होकर गुजरना पड़ता है।
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