हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2022 में किसानों की आय दोगुनी करने के सपने को साकार किया जा सकता है। कृषि उत्पादन क्षेत्र में सहकारिता को बढ़ावा देने के लिए किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य देने के लिए हैफेड द्वारा हर जिले में बाजार खोले जाएंगे। इन बाजारों में डेयरी के उत्पाद के साथ-साथ हैफेड द्वारा रोजमर्रा की प्रयोग होने वाली वस्तुओं को रखा जाएगा।
वीटा के बूथों की संख्या अधिक से अधिक बढ़ाने के लिए प्रदेश के सभी उपायुक्तों को लिखा गया है। इन बूथों पर न केवल दूध उत्पादक, बल्कि सब्जी व फल भी बेचे जाएंगे। मंत्री शुक्रवार को करनाल के डाॅ. मंगलसैन ऑडिटोरियम के सभागार में सहकारिता दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में संबाेधित कर रहे थे। उन्होंने सबसे पहले सभी को 55वें सहकारिता दिवस की बधाई दी। कार्यक्रम की शुरुआत सहकारिता का झंडा लहराकर की गई। सहकारिता के प्रसंघ द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया।
इस दाैरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल का ऑडियो संदेश भी सुनाया गया और सहकारिता के क्षेत्र में किए गए कार्यों की लघु फिल्म दिखाई गई। राजस्व एवं सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने कहा कि प्रदेश की 22 हजार सहकारिता समितियों में से 12 हजार अच्छा कार्य कर रही है। सभी समितियों को आने वाले समय में कंप्यूटरीकरण किया जाएगा, ताकि पारदर्शिता रह सके और जो भी उनके आपसी विवाद होंगे उनको निर्धारित समय में पूरा किया जा सकेगा। इस अवसर पर नगर निगम मेयर रेणु बाला गुप्ता, भाजपा के जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा, हैफेड के चेयरमैन कैलाश भगत, हरको बैंक के चेयरमैन अरविंद यादव, डेयरी फेडरेशन के चेयरमैन रणधीर सिंह, एमडी हैफेड डीके बहरा, रजिस्ट्रार सहकारी समिति हरियाणा आरएस वर्मा, डीसी निशांत कुमार यादव, हैफेड डीएम सुरेश वेद उपस्थित रहे।
उत्पादन क्षेत्र में कैथल व करनाल मिल रही अव्वल
सहकारिता के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सहकारी चीनी मिल कैथल ने वर्ष 2019-20 के पेराई सत्र में 41.22 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई करके 4.16 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन करके मिल द्वारा 94.76 प्रतिशत तकनीकी क्षमता को प्राप्त किया। मिल के प्रबंध निदेशक पूजा चांवरिया को सम्मानित किया गया। द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर करनाल चीनी मिल के चेयरमैन निशांत कुमार यादव व एमडी अदिति को सम्मानित किया गया। चीनी मिल ने वर्ष 2019-20 में 35.72 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई करके 3.66 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन करके मिल द्वारा 91.72 प्रतिशत तकनीकी क्षमता को प्राप्त किया जो सराहनीय है।
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