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Friday, 20 November 2020

खेत में पराली जलाने से होता पर्यावरण प्रदूषित, मित्रकीट भी होते हैं नष्ट: गोदारा

किसानों को अब परंपरागत खेती के तरीकों को बदलते हुए आधुनिक तकनीक को अपनाना होगा। पूरे विश्व में खेती करने का परिदृश्य बदलता जा रहा है और समय के साथ चलकर ही किसान उन्नति की ओर आगे बढ़ सकता है।
कृषि विभाग के उप निदेशक डाॅ. आत्माराम गोदारा ने नई अनाज मंडी में किसानों को अनुदान पर खरीदे गए कृषि यंत्रों को सौंपते हुए ये शब्द कहे।

मंडी में इन कृषि यंत्रों की फिजिकल वेरिफिकेशन की गई। इस मौके पर सहायक कृषि अभियंता राजीव चावला, इंजीनियर विवेक बागला, गुण नियंत्रण निरीक्षक चंद्रभान श्योराण तथा तकनीकी सहायक ईश्वर सिंह मौजूद रहे। डाॅ. आत्माराम गोदारा ने बताया कि जिले के 64 किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर ये कृषि यंत्र प्रदान किए गए हैं।

इनमें दादरी खंड के 34, बौंद खंड के 14, बाढड़ा और झोझू खंड के आठ-आठ किसान शामिल हैं। इन किसानों को ब्लॉक मुख्यालय पर ही बुलाकर कृषि यंत्रों का सत्यापन करवाया गया है। डाॅ. आत्माराम गोदारा ने बताया कि अनुदान पर दिए गए कृषि यंत्रों में सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, रिवर्सिबल एमबी प्लू तथा जीरो टिल मशीनें शामिल हैं। उन्होंने मौके पर मौजूद किसानों को हिदायत दी कि वे खेत में ही पराली का प्रबंध करें ।



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Burning stubble in the field pollutes the environment, friendlies are also destroyed: Godara


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