नगरपरिषद के ईओ सुरेश चौहान के कार्यालय में घुसकर अभद्र व्यवहार करने, जाति सूचक गालियां देने व फाइल पर जबरदस्ती साइन कराने के मामले में वार्ड नंबर 26 के पार्षद हरेंद्र उर्फ काला सैनी को डीएसपी की जांच में दोषी करार दिया गया है। जबकि नप प्रधान पूनम सैनी के पति एवं बीजेपी नेता जवाहर सैनी को क्लीन चिट दी गई है।
आरोपी पार्षद हरेंद्र काला व नगरपरिषद प्रधान के पति बीजेपी नेता जवाहर सैनी के के खिलाफ 22 जुलाई को सिविल लाइन थाना पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, एससी, एसटी सहित कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। ईओ सुरेश चौहान का आरोप था कि 17 जुलाई को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे आया।
इस दौरान वे सर्वेयर के साथ बैठक कर रहे थे। पार्षद हरेंद्र उर्फ काला सैनी ने उससे कहा कि वह इस फाइल पर साइन कर दे। जब उसने कहा कि वह बाद में इस बारे में बात करेगा जरूरी कार्य में व्यस्त है। इस दौरान हरेंद्र के साथ जवाहर सैनी भी साथ मौजूद था। हरेंद्र ने उसके साथ गाली गलौज किया और जातिसूचक गालियों के साथ-साथ जान से मारने की भी धमकी दी। पुलिस ने इस पर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। बाद में जांच हिसार के डीएसपी अशोक कुमार को सौंप दी गई थी।
डीएसपी की जांच रिपोर्ट का ये है निष्कर्ष
डीएसपी ने जांच रिपोर्ट में बताया है कि आरोपी पार्षद हरेंद्र उर्फ काला ने ईओ के साथ उत्तेजित होकर अभद्र व्यवहार किया। ईओ के सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई और जान से मारने की भी धमकी दी। जिसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से होती है। अत: अब तक की तफ्तीश से मामला सच्चा होना पाया गया है। आरोपी हरेंद्र काला द्वारा यह जानते हुए कि मुदई सुरेश अनुसूचित जाति से संबंध रखता है कि सरकारी ड्यूटी में बाधा में पहुंचाना और जान से मारने की धमकी देना पाया गया है। मेरी तफ्तीश में नामजद हरेंद्र उर्फ काला सच्चा आरोपी पाया गया है।
जांच पूरी, पार्षद हरेंद्र काला मामले में है दोषी
मामले की जांच पूरी हो गई है। इस मामले में पार्षद हरेंद्र उर्फ काला दोषी है। उन्होंने मामले सभी पक्षों को सुना और सभी साक्ष्य देखे। -अशोक कुमार, डीएसपी हिसार।
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