गांव में लड़कियों को नजदीक ही शिक्षा मिले, इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में हर तीन किमी पर राजकीय महिला कॉलेज खोले गए हैं, लेकिन यहां सुविधाओं की भारी कमी है। कॉलेज प्रवेश के लिए भी ठीक से तैयार नहीं हो पाए जिसके चलते सात सितंबर से चल रही प्रवेश प्रक्रिया के बावजूद अभी तक नए कॉलेजों में काफी सीटें खाली हैं। शहर के भी कालेजों में कुछ कोर्सों में सीटें खाली पड़ीं हैं। इसे देखते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग एडमिशन प्रक्रिया का समय बढ़ाने पर विचार कर रहा है। इसको लेकर प्रिंसिपलों की मीटिंग हुई है। इसमें विभाग को विद्यार्थियों को कम से कम 10 दिन का समय देने की बात कही गई है।
विद्यार्थियों के एडमिशन की फीस की बढ़ाई तिथि
- कॉलेजों में सेकेंड व फाइनल ईयर की एडमिशन फीस जमा करने की तिथि बढ़ा दी गई है। विद्यार्थी 25 नवंबर तक फीस जमा कर सकते हैं।
- कॉलेजों में पीजी कक्षाओं के एडमिशन का शेड्यूल अभी तक जारी नहीं किया गया है।
- सेकेंड व फाइनल ईयर के विद्यार्थियों की जून में ही एडमिशन होकर ऑनलाइन कक्षाएं शुरू होे सकती थी। लेकिन अब प्रमोट किया जा रहा है।
इस कारण नहीं भर रहीं सीटें
कॉलेजों की सुविधाओं का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले सालों से चार-चार कमरों में कई कॉलेज चल रहे हैं। सुविधाएं न होने से अभिभावक बच्चों का शहर के कॉलेजों में एडमिशन करवा रहे हैं। इसके अलावा इस बार प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रही। ग्रामीण बच्चे जिसे ठीक से समझ नहीं पा रहे हैं। कॉलेजों ने भी कोई अतिरिक्त प्रयास नहीं किया।
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