देवेंद्र शुक्ला, जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नए साल में बढ़ावा मिल जाएगा। जिले की 16 प्राथमिक चिकित्सा केंद्र अब हेल्थ एवं वैलनेस सेंटर में नजर आएंगे। हालांकि वर्ष 2020 से ही इन पर काम शुरू हो गया था, लेकिन नए साल 2021 में नए रोगी सेवा के लिए तैयार कर दिया जाएगा। जिले भर में इससे ज्यादा प्राथमिक चिकित्सा केंद्र है, लेकिन 2021 में 16 पीएचसी पर ही पूरी तरीके से काम हो सकेगा। इनमें 9 ग्रामीण तो 7 शहरी पीएचसी शामिल है।
यह पीएचसी तब्दील हो जाएंगे वैलनेस सेंटर में
जिले की जो 16 पीएचसी हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में तब्दील हो जाएंगी। उनमें पीएचसी बाढ़सा, पाटोदा, बिरोहड़, साल्हावास, बहु, जहाजगढ़, सोंधी, मांडोठी, मच्छरौली हैं। इसके बाद झज्जर शहर की पीएचसी सीताराम गेट, बहादुरगढ़ की विकासनगर, नेताजी नगर, छोटू राम नगर, किला मोहल्ला, रामनगर व आदर्श नगर शामिल हैं।
पहले से बेहतर रोगी सेवा मिलेगी : डॉक्टर संजीव
पीएचसी को हेल्थ एवं वैलनेस सेंटर में तब्दील किए जाने की योजना को देख रहे डॉक्टर संजीव ने बताया कि अभी तक भी पीएचसी में रोगी सेवा से लेकर कर्मचारियों की सुविधा के लिए जो कमियां देखी जाती थी उन सभी कमियों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के जरिए पूरा किया जाएगा। यहां लैब के कार्यों में भी बढ़ोतरी होगी तो दवाओं की संख्या भी बढ़ेगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की योजना के तहत सभी पीएचसी को हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में बनाए जाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। इससे न सिर्फ रोगी सेवा को बढ़ावा मिलेगा बल्कि काम कर रहे मेडिकल स्टाफ को भी यहां उचित माहौल मिल सकेगा।
- डॉक्टर संजय, दहिया सीएमओ झज्जर
बहादुरगढ़ शहर में 200 बेड का अस्पताल भवन का काम तेज : शहर में 200 बेड के अस्पताल का शिलान्यास होने के बाद इसके नए भवन का काम तेजी से शुरू किया गया है जो नवंबर तक समाप्त हो जाएगा। उम्मीद है कि एक साल के अंदर ही इसे तैयार कर लिया जाएगा। हाईवे पर तैयार होने जा रहे इस अस्पताल को वर्ष 2031 में होने वाली जनसंख्या के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। अभी तक बहादुरगढ़ के पास 100 बेड का अस्पताल है। इसके भवन को उसके साथ ही तैयार किया जाना है।
बहादुरगढ़ में श्रमिकों को मिलेगा अपना अस्पताल : बहादुरगढ़ में काम कर रहे करीब 50 हजार श्रमिकों को इलाज के लिए बहादुरगढ़ में ही 100 बेड का अपना अस्पताल मिलेगा। अब सभी श्रमिकों को इलाज के लिए दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा। यहां कई प्राइवेट अस्पतालों में ईएसआई के तहत योजना में इलाज तो होता है पर ईएसआई का अपना कोई अस्पताल नहीं था, जहां ऑपरेशन आदि की व्यवस्था हो। इसे एचएसआईआईडीस में तैयार करने की योजना है।
आयुष्मान भारत से जोड़े जाएंगे शहर के लोग, 71362 गोल्डन कार्ड बने
जिले के लोगों को आयुष्मान भारत से नए साल में और तेजी से जोड़ा जाएगा। फिलहाल जिले भर में आयुष्मान भारत के तहत 71362 गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। जबकि 178690 लोगों को गोल्डन कार्ड बांटा जाना है। आयुष्मान भारत के प्रति लोगों की उम्मीद जोड़ने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग 1 जनवरी से 6 जनवरी तक एजुकेशन कम्युनिकेशन प्रोग्राम भी करने जा रहा है। ताकि गोल्डन कार्ड को देने का टारगेट पूरा किया जा सके।
आयुष्मान भारत योजना 15 अगस्त 2018 में शुरू हुई थी। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की जो लिस्ट फाइनल हुई थी उसके तहत 178690 लोगों के आयुष्मान भारत कार्ड बनने थे। हालांकि इन 2 सालों में 40 प्रतिशत कार्ड ही जिले में बन पाए हैं। नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि 1 जनवरी से 6 जनवरी के बीच एजुकेशन कम्युनिकेशन प्रोग्राम किया जाएगा।
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