कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए आंदोलन कर रही भारतीय किसान यूनियन ने अब बिजली-पानी के बिलों और बैंक के ऋण की रिकवरी करने के लिए गांवों में पहुंचने वाले कर्मचारियों को बंधक बनाने का ऐलान किया है। भाकियू हलका प्रधान सतपाल मानकपुर ने गुरुवार को मार्केट कमेटी में हुई बैठक में ये ऐलान किया है।
उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड के कर्मचारी किसानों से आधार कार्ड व बिजली के बिलों के बकाया की मांग कर रहे हैं। इसी तरह बैंक कर्मचारी भी किसानों से ऋण वसूली के लिए उनकी जमीनों की कुर्की करने की धमकी दे रहे हैं। पहले से आर्थिक संकट से जूझ रहे किसान इससे परेशान हो गए हैं। इसलिए भाकियू ने बिलों या ऋण की रिकवरी के लिए गांवों में पहुंचने वाले कर्मचारियों को बंधक बनाने का निर्णय किया है। मौके पर सुभाष शर्मा सबीलपुर, जनक राज पांडों, कर्मचंद शामपुर, दिलबाग सिंह ताहरपुर, गुलाब शामपुर, हनीफ नाईवाला, प्रेमचंद सबीलपुर व संजू राठी भी मौजूद रहे।
लेदी-सलेमपुर कोही सड़क की एक माह में उखड़ी बजरी
एक माह पहले बनी लेदी से सलेमपुर कोही जाने वाली सड़क उखड़नी शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों ने सड़क में लगे मटेरियल की जांच और सड़क रिपेयर करने की मांग की है। खानुवाला गांव निवासी जगतार सिंह, मानकपुर निवासी नरेंद्र, ललहाड़ी कलांं निवासी बबलू का कहना है कि लेदी से सड़क लगभग एक माह पहले ही बनाई गई।
कई जगह से उखड़नी शुरू हो गई है। सड़क में लगी बजरी उखड़कर सड़क पर ही बिखर रही है। जिससे सड़क निर्माण में घटिया सामग्री लगी होने का अंदेशा है। पीडब्ल्यूडी के एसडीओ सुनील का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर कई किसानों ने कोर्ट केस किया हुआ है जिसकी वजह से अभी अभी सड़क निर्माण में कुछ कमी है, जिसे जल्द ही दूर किया जाएगा।
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