बिंझाैल में 147 डेयरी प्लाटाें की जांच रिपाेर्ट तैयार हाे गई है। कमिश्नर डाॅ. मनाेज कुमार के नेतृत्व में गठित 5 अधिकारियाें की टीम ने सभी प्लाॅट से संबंधित जांच पूरी कर ली है। अब इस जमीन के नए सिरे से नक्शे तैयार किए जा रहे हैं।
जाे भी खाली प्लाॅट हैं, उनकी नए सिरे से जल्दी ही बाेली कराई जाएगी। जांच टीम व अन्य काम पूरा करने के लिए गठित की गई टीम में नाेडल आफिसर चीफ इंजीनियर महिपाल सिंह काे नियुक्त किया गया है। करीब 20 साल पहले गांव बिंझौल में डेयरियों को शिफ्ट करने के लिए प्लाट अलॉट किए थे। वहां पर कुछ प्लाॅट में मकान भी बने हैं।
इन अधिकारियाें काे किया गया है जांच टीम में शामिल : निगम कमिश्नर डाॅ. मनाेज कुमार ने चीफ इंजीनियर महिपाल सिंह, एसई रमेश कुमार शर्मा, सहायक अभियंता विरेंद्र मलिक, एक्सईएन प्रदीप कल्याण, कानूनगाे विरेंद्र व कार्यकारी मुख्य सफाई निरीक्षक सुधीर कुमार काे शामिल किया है।
डेयरियाें के वेस्ट मैटीरियल से जाम हाेती है नालियां और सीवर : शहर में अवैध तरीके से चल रही डेयरियों के वेस्ट मैटीरियल से नालियां व सीवर जाम हाेते हैं। इस कारण सड़काें पर पानी भी जमा हाे जाता है। इसे बीमारियाें फैलने की अाशंका रहती है। नाली व सीवर जाम हाेने की शिकायत शहरवासी भी अक्सर करते रहते हैं।
टीम मेंबराें काे यह साैंपी गई अलग-अलग जिम्मेदारियां : कमिश्नर
टीम में शामिल अधिकारियाें काे मुख्य रूप से प्लाॅट के नए सिरे से नक्शे, सफाई व्यवस्था, खाली प्लाॅट की सूची, कितने प्लाॅट में बने हैं मकान, कितने में चल रही है डेयरियां, कितनी सड़कें बनी हैं, कितनी स्ट्रीट लाइट लगी हैं, पेयजल सप्लाई व गंदे पानी की निकासी की क्या व्यवस्था है। इन सभी विषयाें पर रिपाेर्ट तैयार करके सुधार करने में जिम्मेदारियां साैंपी गई है।
- डाॅ. मनाेज कुमार, कमिश्नर, नगर निगम पानीपत।
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