जून 2022 तक तैयार होगा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, फिर 75 की स्पीड से दौड़ेंगी मालगाड़ियां, अम्बाला में बनेंगे 4 स्टेशन - OTA BREAKING NEWS

Breaking

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Thursday, 7 January 2021

जून 2022 तक तैयार होगा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, फिर 75 की स्पीड से दौड़ेंगी मालगाड़ियां, अम्बाला में बनेंगे 4 स्टेशन

मालगाड़ियों के अलग गलियारे के लिए पश्चिम बंगाल के धनकुनी से लुधियाना तक 1856 किलोमीटर लंबे ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण जून 2022 तक पूरा होगा। इस कॉरिडोर के निर्माण के लिए अम्बाला प्रोजेक्ट के अधीन पिलखनी से लुधियाना तक 175 किमी. लंबे ट्रैक का निर्माण किया जाना है, जहां 50 प्रतिशत तक काम पूरा कर लिया गया है।

बता दें कि वीरवार काे पीएम नरेंद्र माेदी ने वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट काॅरिडोर के रेवाड़ी-मदार सेक्शन का उद्घाटन किया। इससे पहले ईस्टर्न डेडिकेटेट फ्रेट काॅरिडोर के न्यू भाऊपुर-न्यू खुर्जा सेक्शन का उद्घाटन पिछले साल 29 दिसंबर को पीएम ने किया था। अम्बाला प्रोजेक्ट के अधीन 14 स्टेशनाें (जंक्शन स्टेशन/क्राॅसिंग स्टेशन) का निर्माण नए ट्रैक पर होना है। इन स्टेशनों पर रेलवे प्राइवेट पार्टियों के साथ मिलकर मल्टी मॉड्यूलर लॉजिस्टिक हब भी बनाएगा, जहां मालगाड़ियों में सप्लाई होने वाले सामान को रखा जा सकेगा। दुखेड़ी के अलावा जगाधरी वर्कशॉप, पिलखनी आदि स्टेशनों पर ऐसे हब बनाने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। अम्बाला में बराड़ा, केसरी, दुखेड़ी व अम्बाला सिटी में कॉरिडोर पर स्टेशन विकसित किए जाएंगे।

कॉरिडोर पर अगले साल मालगाड़ियों का संचालन शुरू होने पर राज्यों की अर्थव्यवस्था में बूम आएगा, क्योंकि मालभाड़ा पहले से ज्यादा क्षमता में लोड होगा और तेजी से गंतव्य तक पहुंच पाएगा। डीएफसीसीआईएल (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) अम्बाला द्वारा ट्रैक निर्माण के लिए अभी फाउंडेशन तैयार की जा रही है और जल्द ट्रैक बिछाने का काम भी शुरू हो जाएगा। डीएफसीसीआईएल अम्बाला के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर संदेश श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक काफी कार्य पूरे कर लिए गए हैं और शेष कार्य भी तय समय में पूरे हाेंगे।

लेवल क्राॅसिंग नहीं होगी, 75 आरयूबी व आरओबी होंगे
फ्रेट कॉरिडोर की लाइन पर मालगाड़ियां निरंतर चल सकें, इसलिए लाइन पर कोई लेवल क्राॅसिंग नहीं होगी। पिलखनी से लुधियाना तक कुल 55 रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी) बनाए जा रहे हैं जिनमें 37 का निर्माण पूरा हो चुका है। इसी तरह 20 रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) होंगे जिनमें से 8 बन चुके हैं।

कॉरिडोर पर यहां बनेंगे स्टेशन
अम्बाला प्रोजेक्ट के अधीन फ्रेट कॉरिडोर लाइन पर पिलखनी, कलानौर, जगाधरी वर्कशॉप, दराजपुर, बराड़ा, केसरी, दुखेड़ी, अम्बाला सिटी, शंभू, सराय बंजारा, सरहिंद, मंडी गोबिंदगढ़, खन्ना और चावापल्ली में स्टेशन बनेंगे। इन्हीं स्टेशनों पर फ्रेट हैंडल करने के लिए मल्टी मॉड्यूलर लॉजिस्टिक हब बनाने की भी योजना है।

पिलखनी से लुधियाना तक फ्रेट लाइन पर कुल 205 बड़े व छोटे ब्रिज बनने हैं। इनमें 2 बड़े ब्रिज अम्बाला में मारकंडा नदी और यमुनानगर में यमुना नदी पर बनेंगे। मारकंडा नदी पर ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। यहां 6 स्पैन लगाए गए हैं और एक स्पैन की लंबाई 45 मीटर है। यमुना नदी पर ब्रिज का 60 प्रतिशत काम पूरा हाे चुका है। कुल 7 स्पैन ब्रिज पर लगेंगे, एक स्पैन की लंबाई 60 मीटर है। इसी तरह लाइन पर 4 रेल फ्लाईओवर बन रहे हैं जिनमें अम्बाला कैंट व राजपुरा में एक-एक जबकि सरहिंद में 2 का निर्माण होगा।

कोयला, सीमेंट व उर्वरक की सप्लाई बढ़ेगी
ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर पंजाब, हरियाणा, यूपी, बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल से होकर गुजरेगा, जोकि राज्यों की इकाेनाॅमी में भी बूस्ट लाएगा। अप-लाइन पर बंगाल, बिहार, झारखंड से हरियाणा, पंजाब के थर्मल प्लांटाें में कोयले की बड़ी सप्लाई होती है। डाउन-लाइन पर पंजाब से उर्वरक, सीमेंट, स्टील प्लांटों के लिए चूना पत्थर, ट्रैक्टर आदि की सप्लाई हाेती है।

कॉरिडोर से तेजी से पहुंचेगा मालभाड़ा, दोगुनी होगी लोडिंग

  • नई मालगाड़ी: कॉरिडोर पर चलने वाली नई मालगाड़ियों के डिब्बे 3660 एमएम लंबे व 5.1 मीटर ऊंचे होंगे, इन पर डबल स्टेक रखने की क्षमता होगी। मालगाड़ी की लंबाई डेढ़ किलोमीटर तक होगी, जोकि 13 हजार टन माल लोड कर सकेगी। इनकी एवरेज रफ्तार 75 किमी. प्रतिघंटा होगी।
  • अभी चल रही मालगाड़ी: मालगाड़ी के डिब्बे 3200 एमएम लंबे हैं, इनकी ऊंचाई 4.6 एमएम है। यह मालगाड़ियां केवल सिंगल स्टेक की हैं। अधिकतम लंबाई 700 मीटर है जोकि अधिकतम 5 हजार टन ही माल लोड कर सकती हैं। एवरेज रफ्तार 25-30 किमी. प्रतिघंटा ही है।

प्राेजेक्ट के मुख्य बिंदु

  • अम्बाला प्रोजेक्ट के अधीन 2507 करोड़ रुपए की लागत से ट्रैक का निर्माण होगा।
  • जुलाई 2016 में निर्माण शुरू हुआ था।
  • फाउंडेशन वर्क हो रहा है। आधुनिक एनटीसी मशीन से ट्रैक बिछाया जाएगा। 1 दिन में डेढ़ किमी तक ट्रैक बिछा देगी।
  • ईस्टर्न कॉरिडोर पर धनकुनी से खुर्जा तक 1409 किमी. लंबा डबल इलेक्ट्रिफाई ट्रैक बन रहा है, जबकि खुर्जा से लुधियाना तक 447 किमी. लंबा सिंगल इलेक्ट्रिफाई ट्रैक होगा।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
यमुना नदी पर फ्रेट कॉरिडोर लाइन के लिए बनाए पुराने ब्रिज के साथ बनाया जा रहा नया ब्रिज।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3oprW0j

ADD











Pages