ई-कॉमर्स कंपनियों के कुल कारोबार पर 5 फीसदी का विशेष कर लगाने की मांग करते हुए राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने कहा कि ऑनलाइन ई-कॉमर्स बढ़ने से
घरेलू पारंपरिक खुदरा व्यापार प्रभावित हो रहा है। इसलिए ई-कॉमर्स के कुल कारोबार पर 5 प्रतिशत का विशेष कर लगाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के ऐसा करने से यह सरकार के राजस्व में भी वृद्धि करेगा और देश के पारंपरिक खुदरा व्यापार को प्रतिस्पर्धी भी बना देगा। बुवानीवाला ने कहा कि आगामी बजट में ऐसी विभिन्न मांगों को पूरा करवाने के लिए राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन ने केन्द्रीय वित्तमंत्री को पत्र भी लिखा है। उन्होंने कॉर्पोरेट की तरह पार्टनरशिप फर्म और लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप को भी 30 प्रतिशत के बजाय 22 प्रतिशत के दायरे में लाने की मांग की।
उन्होंने आगामी बजट में वित्त मंत्री से यह सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया कि स्रोत पर कर काटने का प्रावधान केवल उन व्यापारियों पर लागू होना चाहिए जिनका वार्षिक कारोबार 10 करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन जीएसटी में एमनेस्टी स्कीम लागू कर सुधार किया जाना चाहिए। बुवानीवाला ने कहा कि अर्थव्यवस्था की तीनों अंग विनिर्माण, सेवा एवं खुदरा को एक साथ एक मंत्रालय के अधीन रखना चाहिए और लघु उद्योगों और सेवा क्षेत्र की तरह खुदरा व्यापारियों को भी सारे लाभ मिलने चाहिए।
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