भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष शंकर धूपड़ ने कहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पिछले 6 वर्षों के दौरान खेती और किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। नए कृषि कानून इन्हीं प्रयासों का हिस्सा है जो किसानों के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाने में सक्षम है। हालांकि कुछ विपक्षी दल नहीं चाहते कि किसान समृद्ध, खुशहाल और प्रतिस्पर्धा बने।
यह बात उन्होंने रेस्ट हाउस में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही। उन्हाेंने कहा कि किसान अन्नदाता ही नहीं बल्कि राष्ट्र के निर्माता और लोकतंत्र का सशक्त आधार भी है। इसलिए आवश्यक है कि कृषक देश के विकास में साझेदार बनकर भारत को विश्व शक्ति के रूप में स्थापित करें। इसके लिए जरूरी है की आर्थिक सुधारों की तरह कृषि क्षेत्र में भी व्यापक सुधार हो और कृषक नई प्रौद्योगिकी और नॉलेज हार्वेस्टिंग के साथ उत्पादक एवं मार्केट प्लेयर भी बनें।
भाजपा जिलाध्यक्ष शंकर धूपड़ ने कहा कि वर्षों से देश के प्रगतिशील किसान कृषि, विशेषज्ञ, कृषि अर्थशास्त्री और वैज्ञानिक कृषि क्षेत्र में सुधार की मांग कर रहे थे लेकिन फिर भी पिछली सरकारें इस दिशा में कानून नहीं बना पाई। मोदी ने दशकों से की जा रही सुधारों की इस मांग को पूरा किया तो कुछ विपक्षी दल इन कानूनों को लेकर भोले भोले किसानों को गुमराह करने में लगे हैं। इनमें से एक कानून उपज से व्यापार और वाणिज्य संवर्धन व सरलीकरण से जुड़ा हैं। दूसरा कीमत आश्वासन तथा कृषि सेवा पर अनुबंध से संबंधित है और तीसरा आवश्यक वस्तु अधिनियम से संबंधित है। विपक्ष किसानों को बरगलाकर भ्रम फैला रहा है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य समाप्त हो जाएगा जबकि ऐसा कुछ नहीं है।
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