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Thursday, 7 January 2021

अब लोग रेहड़ी-फड़ी वालों को भी कर सकेंगे ऑनलाइन पेमेंट

अभी तक कोई भी रेहड़ी वाला गली में आता था या फिर लोग बाजार में फड़ी वाले से सामान लेते थे ताे उन्हें नकद पैसे देने पड़ते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। जिन रेहड़ी-फड़ी वालों को अम्बाला के स्थानीय निकाय विभागों ने रजिस्टर्ड कर लाइसेंस दिया है, वे अब आपसे ऑनलाइन पेमेंट भी लेंगे।

इससे उन लाेगाें काे सुविधा हाेगी, जाे कैश कम ही रखते हैं और वे ऑनलाइन पेमेंट एप से रेहड़ी-फड़ी वाले के बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे। अम्बाला में रेहड़ी-फड़ी वालों को लाइसेंस देने की कवायद 6 माह से चल रही थी। एजेंसी ने ऐसे लोगों का सिटी, कैंट, नारायणगढ़ और बराड़ा में सर्वे किया था, जो स्थायी फड़ी लगाते हैं या फिर रेहड़ी वाले जो गलियों में घूम कर सब्जी, फल और अन्य सामान बेचते हैं। उनके लाइसेंस बनाए गए हैं। बाकायदा इनकी पहचान के लिए पहचान पत्र भी दिए गए हैं। ताकि अगर कोई गली में रेहड़ी वाला आता है तो उसकी पहचान हो सके। इसलिए इन्हें स्थानीय निकाय विभागों की तरफ से सर्टिफिकेट भी जारी किए गए हैं। रेहड़ी-फड़ी वालों को ऑनलाइन पेमेंट के लेन-देन के लिए नगर निगम में बैंक कर्मियों द्वारा ट्रेनिंग दी जा रही है।

सिटी में आज फिर ट्रेनिंग, कैंट में 12 व 14 काे
सिटी के नगर निगम कार्यालय में दो दिन ट्रेनिंग दी चुकी है। अब 8 जनवरी को फिर ट्रेनिंग दी जाएगी। नगर परिषद कैंट में 12 व 14 जनवरी को, नारायणगढ़ नगर पालिका में 15 जनवरी तथा बराड़ा नगर पालिका में 16 जनवरी को ट्रेनिंग दी जाएगी। मौके पर बैंक कर्मी मौजूद होंगे, जिन बैंकों से रेहड़ी-फड़ी वालों को पीएम स्वनिधि योजना के तहत 10 हजार रुपए का लोन दिया गया है।

3348 रेहड़ी-फड़ी वालों को लाइसेंस दिए
हरियाणा में सबसे ज्यादा रेहड़ी-फड़ी वाले सीएम सिटी करनाल में हैं। यहां इनकी संख्या 5268 हैं, जिन्हें लाइसेंस दिया गया है। इसके बाद हिसार है। यहां पर 4337 का रजिस्ट्रेशन किया गया है। अम्बाला प्रदेश में तीसरे नंबर पर है। यहां 3348 लोगों को लाइसेंस दिए गए हैं। सबसे कम रेहड़ी-फड़ी वाले चरखी दादरी में हैं। यहां सिर्फ 349 लोगों का रजिस्ट्रेशन किया गया है।

जिले में 1861 लोन बैंकों ने पास किए
सबसे ज्यादा बैंकों ने लोन करनाल में पास किए हैं। यहां इनकी संख्या 2641 है, जबकि हिसार में 2525 लोगों के लोन पास हुए हैं। अम्बाला में 1861 लोन बैंकों ने पास किए हैं, जबकि सबसे कम लोन झज्जर में 134 रेहड़ी-फड़ी वालों के पास हुए हैं।

ऑनलाइन लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए रेहड़ी-फड़ी वालों को ट्रेनिंग दी जा रही है। अभी तक लोग इन्हें कैश ही देते रहे हैं। अब इनके पास एंड्रायड फोन से ऑनलाइन पेमेंट की जा सकती है।
अनिल राणा, सिटी प्रोजेक्ट अफसर, नगर निगम, अम्बाला सिटी



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Now people will be able to pay even online to the street vendors


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