क्षेत्र में बीते कई दिनों से लगातार हो रही बरसात से चीनी मिल में कम गन्ना पहुंच रहा है। गन्ना कम आने पर अधिकारियों ने मिल को धीमी गति से चलाना शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार मिल को करीब 20 हजार क्विंटल प्रतिदिन पेराई की गति से चलाया जा रहा है।
अधिकारियों ने किसानों को मिल में गन्ना लेकर आने के लिए भी मैसेज भेजे हैं, ताकि गन्ने की कमी के चलते पेराई सत्र प्रभावित न हो। चीनी मिल की प्रतिदिन पेराई क्षमता 25 हजार क्विंटल है। मिल को पूर्ण क्षमता पर चलाने के लिए मिल के यार्ड में करीब 15 से 20 हजार क्विंटल गन्ने की आवश्यकता होती है। मिल में अब केवल छह हजार क्विंटल गन्ना ही उपलब्ध है। बीते दो दिनों से क्षेत्र में बरसात हो रही है। बरसात के कारण खेतों में गन्ने की कटाई का कार्य प्रभावित हो गया है। इसका असर मिल में पहुंचने वाले गन्ने पर भी पड़ा है।
मिल में आवश्यकता से कम गन्ना पहुंच रहा है। पर्याप्त गन्ना नहीं मिलने के चलते अधिकारियों को मिल की पेराई गति कम करनी पड़ी। अधिकारियों के अनुसार मिल में करीब 12 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी है। कैन मैनेजर मंजीत दहिया ने बताया कि मिल में गन्ने की कमी को दूर करने के लिए किसानों से संपर्क किया है। किसानों को गन्ना लेकर आने के लिए मैसेज भी भेजे गए हैं। प्रयास है कि मिल में गन्ने की कमी के चलते पेराई सत्र को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
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