स्कूलों में स्थापित खेल नर्सरियों में खेलने वाले खिलाड़ियों को स्कॉलरशिप व कोचों को लॉकडाउन के बाद से मानदेय नहीं मिला है। जिसके कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खिलाड़ी व कोचों ने सरकार से जल्द से जल्द उनका मानदेय जारी करने की मांग की है। 2019 में स्कूलों में खेल नर्सरियों दी गई थी। जिसमें से कुछ बंद भी हो गई हैं लेकिन जो चल रही हैं, उन के खिलाड़ी व कोचों को लॉकडाउन का मानदेय नहीं मिला है।
विभाग द्वारा 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को प्रतिमाह 15 सौ रुपये व 14 से 19 के खिलाड़ियों को 2 हजार रुपये मिलते हैं। इन खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने वाले कोचों को प्रतिमाह विभाग द्वारा 20 से 25 हजार रुपये दिए जाते हैं लेकिन लॉकडाउन के बाद से खिलाड़ी व कोच अपना मानदेय आने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन विभाग द्वारा इस और कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके कारण उन्हें बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कोचों के परिवार का सहारा खेल विभाग द्वारा दिए जाने वाले 20 से 25 हजार रुपये ही हैं जो कि मार्च के बाद से अबतक नहीं मिले हैं। लॉकडाउन के दौरान से सभी खिलाड़ियों, कोचों द्वारा ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया है। ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए विभाग द्वारा मौखिक आदेश दिए गए थे। जिसके बाद कोचों ने ऑनलाइन प्रशिक्षण की फोटो व वीडियो भी उच्चाधिकारियों को भेज रखी हैं फिर भी कोई समाधान नहीं हो रहा है।
जल्द ही करेंगे प्रर्दशन
कोच ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि उनकी हालात दयनीय हो चुकी है वे इसको लेकर खेल अधिकारी, डीसी व विधायक को लिखित में सौंप चुके हैं लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। अगर जल्द से जल्द उनका कोई हल नहीं निकला तो सभी खिलाड़ी व कोच खेल व प्रशिक्षण को बंद कर प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे। सभी खेल नर्सरियां 9 माह से बंद पड़ी हैं।
कई जगह के जिला खेल अधिकारी मांग चुके हैं सरकार से बजट
कोच की मानें तो कई जिलों के जिला खेल अधिकारी सरकार से बजट मांग चुके हैं। भिवानी में अभी इस बजट के नाम से कोई जिक्र नहीं चल रहा है। इस बारे में जिला खेल अधिकारी सतविंद्र गिल से बात की तो उन्होंने बताया कि मुख्यालय से ऑनलाइन प्रशिक्षण की जांच के आदेश आए हुए हैं जब ऑनलाइन प्रशिक्षण को लेकर प्रशिक्षण देने वाले कोचों से बात की तो वे संतोषजनक जबाब नहीं दे पाए। इस लिए यह दिक्कत आई हुई ही।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2XfAlr6