जिला में खाद्य आधारित उद्योग लगाकर स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अपनी आय में इजाफा कर सकती हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को और ज्यादा मजबूत बना सकती हैं। यह बात डीसी डॉ. नरहरि सिंह बांगड़ ने मंगलवार को गुरुग्राम में फल व सब्जी प्रोसेसिंग पर चल रहे प्रशिक्षण शिविर में जिले की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से ऑनलाइन माध्यम से बात करते हुए कही।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय खाद्य टेक्नोलॉजी उद्यमिता मैनेजमेंट (निफटेम) व हरियाणा आजीविका मिशन के तत्वावधान में जिला के गांव गिल्लाखेड़ा की स्वयं सहायता समूह की 14 महिलाएं फल व सब्जी प्रोसेसिंग पर आगामी 11 जनवरी 2021 तक गुरुग्राम में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी। उपायुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ ने बताया कि इस कार्यक्रम में महिलाओं को खाद्य प्रसंस्कण की जानकारी दी जाएगी। इस प्रशिक्षण से न केवल यही स्वयं सहायता समूह लाभान्वित होगा बल्कि जिले की अन्य 2845 स्वयं समूह भी उत्साहित होंगे और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर होंगे।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण उपरांत स्वयं सहायता समूह की महिलाएं किन्नू, नींबू, आंवला, शिमला मिर्च आदि फल व सब्जियों से चटनी, जूस आदि उत्पाद तैयार कर फलों व सब्जियों का सदुपयोग कर सकेंगी। उपायुक्त डॉ. बांगड़ ने बताया कि जिला एग्रो बेस्ड एरिया होने के साथ-साथ फल व सब्जियों के हजारों एकड़ में बाग व सब्जी लगाई जाती हैं लेकिन कोई प्रोसेसिंग न होने के कारण लाभ कम हो रहा है। उपायुक्त ने कहा कि बड़े गर्व की बात है कि अधिकतर महिलाएं अनपढ़ या नाममात्र पढ़ी लिखी होते हुए भी प्रशिक्षण में भाग ले रही हैं। उपायुक्त डॉ. बांगड़ ने प्रशिक्षणधीन महिलाओं को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि वे आने वाली किसी भी समस्या को खुले मन से बतायें, हम उनकी हर समस्या का समाधान करवायेंगे।
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