बुडायन गांव में 10 एकड़ जमीन में केंद्रीय विद्यालय की बिल्डिंग बनकर तैयार हो चुकी है, लेकिनबिजली और पीने के पानी का कनेक्शन न होने से यहां पर स्कूल शुरू नहीं हो पाया है। 2016 में केंद्रीय विद्यालय मंजूर होने के बाद तत्कालीन विधायक प्रेमलता द्वारा स्कूल की बिल्डिंग न बनने तक बीरेंद्र सिंह कॉलेज ऑफ नर्सिंग की बिल्डिंग केंद्रीय विद्यालय को मुफ्त में दी थी। अब भी यहां पर खुद की बिल्डिंग बनने के बाद केंद्रीय विद्यालय चल रहा है।
जिले में बुडायन गांव में केंद्रीय विद्यालय मंजूर होने के बाद जिला प्रशासन द्वारा पंचायत के माध्यम से 10 एकड़ जमीन इसको लेकर दी गई। यहां पर बिल्डिंग का कार्य शुरू हुआ। बीते साल फरवरी में दो मंजिल बिल्डिंग बनकर पूरी हो चुकी है। बिजली, पानी का कनेक्शन राज्य सरकार को देना होता है। यहां पर जिला प्रशासन को ये सुविधा देनी होती है। बिजली कनेक्शन के लिए करीब 53 लाख, पीने के पानी के लिए 56 लाख रुपए की राशि खर्च होगी। बिजली, पानी कनेक्शन को लेकर केंद्रीय विद्यालय उचाना का प्रतिनिधिमंडल डीसी, एसडीएम से कई बार मिल चुका है लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है। अब भी उचाना के बीरेंद्र सिंह कॉलेज ऑफ नर्सिंग की बिल्डिंग में स्कूल चल रहा है।
देखरेख के अभव में बिल्डिंग खराब होने का डर
बुडायन गांव में केवीएस की बिल्डिंग को बने करीब एक साल हो चुका है। पर अब तक केंद्रीय विद्यालय शुरू न होने से बिल्डिंग बिना देखरेख के खराब होने का डर केवीएस अधिकारियों को है। यहां पर बिजली, पानी कनेक्शन को लेकर काफी समय से जिला प्रशासन से लिखित रूप में अवगत करवाने के बाद भी कोई समाधान होता नजर नहीं आ रहा है। बुड़ावन गांव में केंद्रीय विद्यालय शुरू होने के बाद जहां आस-पास के गांवों से जो विद्यार्थी उचाना आते हैं उनको फायदा भी होगा। यहां पर स्कूल स्टॉफ के रहने के लिए क्वार्टर भी बने हैं।
कई बार कर चुके हैं मांग
केंद्रीय विद्यालय बुडायन के प्राचार्य महेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय संगठन बिल्डिंग बनाता है। जमीन, पीने का पानी, बिजली कनेक्शन, सड़क की सुविधा राज्य सरकार को देनी होती है। बिल्डिंग बीते वर्ष फरवरी में बनकर तैयार हो चुकी है, लेकिन पानी-बिजली का कनेक्शन नहीं हो रहा है। इसको लेकर कई बार अधिकारियों से भी मिल चुके हैं।
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